By: Yogendra Singh
Supaul : शहर में बढ़ती जाम की समस्या और आम नागरिकों की शिकायतों को देखते हुए प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। नगर परिषद, पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख बाजारों और थाना रोड इलाके में व्यापक अभियान चलाकर सड़क और फुटपाथ पर किए गए कब्जों को हटाया। इस कार्रवाई से बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा, वहीं आम लोगों ने प्रशासनिक कदम का स्वागत किया।
संयुक्त टीम की कार्रवाई, जब्त किया गया सामान
Supaul अभियान के दौरान अधिकारियों ने सड़क किनारे, नालों और फुटपाथ पर अवैध रूप से रखे गए सामान को हटवाया और कई वस्तुओं को जब्त भी किया। थाना रोड स्थित एक साइकिल दुकान के बाहर सड़क तक खड़ी की गई नई साइकिलों को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह से सामान फैलाने से यातायात बाधित हो रहा था।
कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों का मौके पर ही चालान काटा गया और जुर्माना भी वसूला गया। टीम ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शहर को व्यवस्थित और जाममुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम है।
जाम और अव्यवस्था से लोग थे परेशान
Supaul प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ती ट्रैफिक समस्या को देखते हुए यह कार्रवाई जरूरी हो गई थी। सड़क तक सामान फैलाने के कारण पैदल चलने वालों को फुटपाथ नहीं मिल पा रहा था। नतीजतन, लोग सड़क पर चलने को मजबूर थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ रही थी।
स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राएं, मरीजों को अस्पताल ले जा रहे परिजन तथा रोजाना आवागमन करने वाले लोग जाम में फंसकर परेशान हो रहे थे। कई बार एंबुलेंस को भी रास्ता बनाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता था।
चेतावनी के बावजूद जारी था उल्लंघन
Supaul सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन ने इससे पहले माइकिंग कर दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी। बावजूद इसके कई दुकानदारों ने नियमों की अनदेखी जारी रखी। इसी के बाद सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर दोबारा कब्जा करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य शहर में सुचारु यातायात व्यवस्था बहाल करना और आम जनता को राहत देना है।
सुपौल में की गई यह कार्रवाई संकेत देती है कि प्रशासन अब अतिक्रमण के मुद्दे पर किसी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
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