by-Ravindra Sikarwar
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक खबर सामने आई है। मई 2025 के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (GST) का कुल संग्रह ₹2.01 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में प्रभावशाली 16.4% की वृद्धि दर्शाता है। यह आंकड़ा न केवल सरकार के राजस्व के लिए एक महत्वपूर्ण बढ़ावा है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था में मजबूत आर्थिक गतिविधियों और बेहतर अनुपालन का भी संकेत देता है।
मई 2025 के GST संग्रह के मुख्य बिंदु:
- कुल संग्रह: मई 2025 में सकल GST राजस्व ₹2,01,000 करोड़ रहा।
- वार्षिक वृद्धि: यह पिछले वर्ष के मई महीने के ₹1,72,708 करोड़ के संग्रह की तुलना में 16.4% की उल्लेखनीय वृद्धि है।
- घटक वार संग्रह:
- केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST): ₹37,000 करोड़
- राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST): ₹47,000 करोड़
- एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (IGST): ₹95,000 करोड़ (जिसमें ₹41,000 करोड़ वस्तुओं के आयात पर संग्रहित शामिल है)
- उपकर (Cess): ₹22,000 करोड़ (जिसमें वस्तुओं के आयात पर संग्रहित ₹1,000 करोड़ शामिल है)
यह लगातार दूसरा महीना है जब GST संग्रह ₹2 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है। अप्रैल 2025 में, GST संग्रह ₹2.10 लाख करोड़ के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर था। मई में भी ₹2 लाख करोड़ से अधिक का संग्रह आर्थिक स्थिरता और निरंतर विकास की गति को दर्शाता है।
संग्रह में वृद्धि के संभावित कारण:
- मजबूत आर्थिक गतिविधि: मई के दौरान देश में मजबूत आर्थिक गतिविधियों का जारी रहना GST संग्रह में इस उछाल का एक प्रमुख कारण है। विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन और खपत में वृद्धि ने कर राजस्व में योगदान दिया है।
- बेहतर अनुपालन: सरकार और कर अधिकारियों द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप कर अनुपालन में सुधार हुआ है। ई-वे बिल, इनवॉइसिंग और अन्य तकनीकी उपायों के सख्त कार्यान्वयन से कर चोरी को कम करने में मदद मिली है।
- उत्सव और शादियों का सीजन: मई का महीना अक्सर भारत में शादियों और अन्य सामाजिक समारोहों का सीजन होता है, जिससे उपभोक्ता खर्च में वृद्धि होती है और परिणामस्वरूप GST संग्रह बढ़ता है।
- आयात में वृद्धि: IGST संग्रह में मजबूत वृद्धि वस्तुओं के आयात में वृद्धि को दर्शाती है, जो घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों के स्तर का एक और संकेतक है।
- पिछली कर चोरी पर कार्रवाई: कर विभाग द्वारा पिछली कर चोरी के मामलों पर की गई सख्त कार्रवाई और बकाया वसूली भी समग्र संग्रह में योगदान करती है।
अर्थव्यवस्था पर प्रभाव:
GST संग्रह में यह महत्वपूर्ण वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कई सकारात्मक निहितार्थ रखती है:
- सरकारी राजस्व में वृद्धि: बढ़ा हुआ कर संग्रह सरकार को विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराएगा।
- राजकोषीय सुदृढ़ीकरण: मजबूत GST राजस्व सरकार को अपने राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगा।
- निवेशकों का विश्वास: लगातार मजबूत GST संग्रह निवेशकों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिरता और विकास क्षमता को लेकर विश्वास बढ़ाएगा।
- राज्य सरकारों को लाभ: SGST संग्रह में वृद्धि से राज्य सरकारों को भी अपने विकास कार्यों के लिए अधिक धन मिलेगा।
विश्लेषकों की राय:
अर्थशास्त्रियों और बाजार विश्लेषकों ने GST संग्रह में इस उछाल को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक उत्साहजनक संकेत बताया है। उनका मानना है कि यह निरंतर आर्थिक सुधार और सरकार के कुशल कर प्रशासन का परिणाम है। हालांकि, उनका यह भी कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और संभावित चुनौतियों पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष:
मई 2025 में ₹2.01 लाख करोड़ का GST संग्रह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह मजबूत आर्थिक गतिविधियों, बेहतर कर अनुपालन और सरकार के प्रभावी वित्तीय प्रबंधन का प्रमाण है। यह राजस्व वृद्धि निश्चित रूप से सरकार को विकास की गति को बनाए रखने और नागरिकों के कल्याण के लिए और अधिक प्रयास करने में सक्षम बनाएगी। आने वाले महीनों में GST संग्रह की प्रवृत्ति पर बारीकी से नजर रखी जाएगी ताकि अर्थव्यवस्था की समग्र दिशा का आकलन किया जा सके।
