Slaughters Houses: भोपाल नगर निगम ने साफ कर दिया है कि राजधानी में किसी भी तरह का पशुवध गृह नहीं चलेगा और मांस की मंडी भी नहीं बनेगी। यह निर्णय मंगलवार को निगम परिषद की बैठक में अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने स्पष्ट रूप से लिया।
Slaughters Houses: निगम का स्पष्ट संदेश
अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि भोपाल में पशुवध गृह की आवश्यकता नहीं है और यह अनिवार्य नहीं कि निगम इन्हें संचालित करे। राजधानी के लिए मांस की मंडी स्थापित नहीं की जाएगी।
Slaughters Houses: अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई
भोपाल में गौवंश की हत्या से शहर में गहरा आक्रोश है।
- दोषी अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार बख्शे नहीं जाएंगे।
- दोषियों पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी और उन्हें बर्खास्त किया जाएगा।
- संचालक फर्म को निगम से जीवनभर के लिए ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
- पशुवध गृह से जुड़े 11 कर्मचारियों को निलंबित किया गया।
राजनीतिक विवाद और विपक्ष का रुख
विरोधी दल ने गौहत्या प्रकरण पर वॉकआउट किया।
महापौर ने बताया कि एमआईसी ने केवल निविदा के एक हिस्से की अनुमति दी थी और गौहत्या की मंजूरी नहीं दी।विपक्ष ने आरोप लगाया कि स्लॉटर हाउस का संचालन 25 अक्टूबर 2025 को एमआईसी ने मंजूरी दी, जबकि सत्तापक्ष ने कहा कि प्रस्ताव 2022 में आया था और एमआईसी ने केवल एक चरण को आगे बढ़ाया।
निगम की जांच और कार्रवाई
निगमायुक्त संस्कृति जैन को निर्देश दिए गए कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी निलंबित कर्मचारियों के नाम पढ़कर एमआईसी सदस्य ने सार्वजनिक रूप से बताए। संयुक्त या शासन स्तर की जांच कमेटी गठित कर मामले की पूरी जांच कराई जाएगी।
पार्षदों और जनता की प्रतिक्रिया
भाजपा पार्षद देवेन्द्र भार्गव ने विरोध जताने के लिए पर्चे चिपकाए और इस्तीफा देने की धमकी दी। अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि दोषियों को छोड़ने की कोई संभावना नहीं है और दोनों पक्षों की मांगों का समर्थन किया।
अन्य निर्णय
829 कॉलोनियों में बल्क कनेक्शन के बजाय व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन दिए जाएंगे। पंजीयन शुल्क में कटौती के प्रस्ताव बहुमत से पारित किए गए।
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