Silver Price: भारत में चांदी के दाम ने ऐतिहासिक उछाल देखा है और पहली बार यह 4 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर गए हैं। इस तेजी का असर बाजार और निवेशकों पर साफ देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक मांग और घरेलू खरीदारी में बढ़ोतरी इस उछाल की मुख्य वजह है।
Silver Price: वैश्विक बाजार में बढ़ती मांग
चांदी की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी बढ़ती मांग है। औद्योगिक और निवेश दोनों क्षेत्रों में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में निवेशकों ने चांदी की ओर आकर्षित होना शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक कीमतों में लगातार उछाल आया।
Silver Price: घरेलू बाजार में असर
भारत में चांदी की मांग परंपरागत रूप से त्योहारों और शादी के मौसम में बढ़ जाती है। इस बार घरेलू बाजार में निवेशकों और गहना कारोबारियों की ओर से खरीदारी की तीव्रता भी कीमतों को बढ़ाने में योगदान दे रही है। कुछ व्यापारियों ने कहा कि मौजूदा समय में चांदी की खरीदारी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी का यह स्तर निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर भी है। हालाँकि, मूल्य अस्थिर होने की संभावना बनी रहती है, इसलिए निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। छोटे निवेशक भी अब चांदी में निवेश के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएँ
विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि वैश्विक और घरेलू मांग बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में चांदी के दाम और बढ़ सकते हैं। वहीं मौसमी और आर्थिक कारकों के आधार पर कुछ उतार-चढ़ाव की संभावना भी बनी रहेगी। निवेशकों को लंबे समय के दृष्टिकोण से ही फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।
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