by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मेट्रो स्टेशन के निकट 10 नवंबर को हुई शक्तिशाली कार बम धमाके की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट्स से पुष्टि हुई है कि मुख्य संदिग्ध, कश्मीरी मूल का चिकित्सक उमर उन नबी, विस्फोट के समय खुद वाहन चला रहा था।
डीएनए सबूतों ने खोली पोल:
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए की संयुक्त टीम ने विस्फोट स्थल से मिले जैविक अवशेषों का डीएनए परीक्षण किया। परिणामों में इन सैंपलों का पूर्ण मिलान उमर की मां और उसके सगे भाई के डीएनए से हुआ। यह वैज्ञानिक प्रमाण इस बात की तस्दीक करता है कि उमर न केवल योजना का हिस्सा था, बल्कि उसने स्वयं वाहन को लक्ष्य तक पहुंचाया।
फरीदाबाद से बरामद हुई संदिग्ध की दूसरी गाड़ी:
जांच एजेंसियों को हरियाणा के फरीदाबाद सेक्टर-87 इलाके से उमर की स्वामित्व वाली सफेद फोर्ड ईकोस्पोर्ट कार मिली है। यह वाहन उमर ने विस्फोट से दो दिन पहले किराए पर लिया था। कार के अंदर से मिले दस्तावेज, मोबाइल फोन और कुछ रसायनिक पदार्थ जांच के दायरे में हैं। एनएसजी की विशेष कमांडो इकाई ने इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया हुआ है, जिसमें ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है।
मृतकों की संख्या 8, घायलों की हालत गंभीर:
धमाके में अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन बच्चे और दो महिलाएं शामिल हैं। 20 से अधिक घायल अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से चार की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास की दुकानों के शीशे टूट गए और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
सीसीटीवी फुटेज में दिखा संदिग्ध:
पुलिस ने आसपास के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। एक फुटेज में सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार को लाल किला मेट्रो स्टेशन के बाहर पार्क होते देखा गया। कार से उतरते हुए एक व्यक्ति की झलक मिली है, जिसकी शारीरिक बनावट और चाल उमर से मिलती-जुलती है। यह व्यक्ति कार छोड़कर पैदल भागता दिख रहा है।
अमेरिकी सहायता प्रस्ताव, भारत ने किया इनकार:
अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस घटना को आतंकी हमला मानते हुए जांच में हरसंभव सहयोग की पेशकश की। हालांकि, भारतीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश की खुफिया और फॉरेंसिक टीमें पूरी तरह सक्षम हैं। एनआईए, दिल्ली पुलिस और रॉ की टीमें मिलकर मामले की तह तक पहुंच रही हैं।
उमर का बैकग्राउंड:
उमर उन नबी (32 वर्ष) कश्मीर के बारामूला जिले का निवासी है। उसने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री ली थी और बाद में दिल्ली के एक निजी अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहा था। पिछले साल वह अचानक गायब हो गया था। सूत्रों के अनुसार, उमर का संपर्क विदेशी आतंकी संगठनों से था और वह सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी विचार साझा करता था।
जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि क्या यह हमला अकेले का कारनामा था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा। उमर के संभावित सहयोगियों की तलाश तेज कर दी गई है।
