Report by: Ranjan Kumar
Sheikhpura : बिहार में गर्मी की आहट के साथ ही पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए शेखपुरा जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) की पहल पर मंगलवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद ने समाहरणालय परिसर से 12 चापाकल मरम्मती दलों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता रंजीत कुमार सिंह भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

प्रत्येक प्रखंड के लिए विशेष ‘वाहन आधारित’ टीमें
Sheikhpura पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिले के सभी छह प्रखंडों में योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू किया गया है। प्रत्येक प्रखंड के लिए दो-दो वाहन आधारित मरम्मती दल तैनात किए गए हैं। इन वाहनों पर चापाकल ठीक करने के लिए आवश्यक सभी तकनीकी सामग्री और उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि मौके पर ही शिकायतों का त्वरित निष्पादन किया जा सके।
डीएम शेखर आनंद ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य है कि गर्मी के चरम पर पहुँचने से पहले ही जिले के सभी सार्वजनिक चापाकल कार्यशील अवस्था में हों, ताकि आम लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान न होना पड़े।
सर्वे में 288 चापाकल मिले खराब, मरम्मत का काम शुरू
Sheikhpura पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता रंजीत कुमार सिंह ने विभाग की कार्ययोजना साझा करते हुए बताया कि हाल ही में कराए गए विभागीय सर्वे में जिले के विभिन्न हिस्सों में 288 चापाकल खराब पाए गए हैं। मरम्मती दल का प्राथमिक लक्ष्य इन खराब पड़े चापाकलों को तत्काल दुरुस्त करना है।
इसके साथ ही विभाग ने आगामी एक वर्ष के लिए एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके तहत जिले भर के कुल 1988 चापाकलों के रखरखाव और मरम्मत का कार्य पूरा किया जाएगा।
“जनता को न हो परेशानी” – जिलाधिकारी
Sheikhpura उद्घाटन के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरम्मती दल की गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा, “गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत एक गंभीर समस्या बन जाती है। सरकार और प्रशासन का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में एक भी चापाकल बंद न रहे। यह मरम्मती दल गांवों में जाकर ऑन-स्पॉट काम करेगा।” इस पहल से शेखपुरा के सुदूर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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