ट्रेनिंग स्थल की खराब व्यवस्थाओं और वर्दी के नाम पर धन वसूली के आरोप
By: Yogendra Singh
Sheikhpura : मोतिहारी से आए 199 ट्रेनी होमगार्ड अपने ट्रेनिंग स्थल में अव्यवस्था और अवैध बसूली से परेशान होकर शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को ज्ञापन सौंपा। होमगार्ड ने आरोप लगाया कि ट्रेनिंग स्थल पर खराब व्यवस्था, वर्दी और टोपी देने के नाम पर राशि वसूलने जैसे मामले हैं। इस दौरान डीएम और एसपी हाईकोर्ट में जस्टिस के शेखपुरा आगमन के कारण व्यस्त रहे, जिससे मिलने में देर हुई। इससे पहले देर शाम होमगार्डों का जत्था डीएम आवास भी गया, लेकिन वे उनसे नहीं मिल पाए।

मेस और सुविधाओं को लेकर असंतोष
Sheikhpura होमगार्डों ने कहा कि उन्हें चेवाड़ा के स्कूल में रखा गया है, जहां साफ-सफाई और खाने की व्यवस्था ठीक नहीं है। मेस में घटिया खाना दिया जाता है, इसलिए पिछले एक माह से सभी जवान मेस का खाना बंद करके बाहर होटलों में खाना खा रहे हैं। साथ ही, वर्दी और टोपी देने के नाम पर पैसा वसूला गया था, जिसमें कुछ राशि वापस की गई। होमगार्डों ने ट्रेनरों कुणाल कुमार, रवि कुमार और कंपनी कमांडर नरेश झा पर बदसलूकी करने का भी आरोप लगाया।
ट्रेनी होमगार्डों ने कहा कि अन्य जिलों में ट्रेनिंग ले रहे जवानों को वेतन मिल चुका है, लेकिन उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है और उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है।
ट्रेनरों और होमगार्ड संघ का बयान
Sheikhpura ट्रेनर कुणाल कुमार ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वर्दी का पैसा जिला प्रशासन से लिया गया था और अवैध बसूली का कोई मामला नहीं है। उन्होंने बताया कि घटिया खाना और अन्य आरोप गलत हैं। ट्रेनरों का कहना है कि जवानों के घर जैसी सुविधाओं की मांग और होटलिंग जैसी गतिविधियां ट्रेनिंग को प्रभावित कर रही हैं। वेतन देने का काम सरकार का है, इसमें ट्रेनरों का हस्तक्षेप नहीं है।
इस मामले पर होमगार्ड संघ की जिलाध्यक्ष कुमारी रीता सिन्हा ने कहा कि मोतिहारी से आए 199 जवानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और शिकायत के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ज्ञापन और आगे की कार्रवाई
Sheikhpura होमगार्डों ने डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए बेहतर व्यवस्था और वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। ट्रेनी होमगार्डों का आरोप है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे और सक्रिय कदम उठाने पर मजबूर होंगे।

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