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ग्वालियर: वर्षों से कच्चे घर में कठिनाईपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहीं शम्मी दुर्गम को आखिरकार पक्के आवास की चाबी मिल गई। यह क्षण उनके लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला था। मुख्यमंत्री के द्वारा चाबी सौंपे जाने के बाद, शम्मी अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं और उन्होंने स्नेहपूर्वक मुख्यमंत्री के गालों को स्पर्श करते हुए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

शम्मी ने बताया कि उनके लिए वर्षों तक कच्चे मकान में रहना एक बड़ी चुनौती थी। उन्हें हर मौसम में अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बरसात के मौसम में पानी टपकने और दीवारों के गिरने का डर हमेशा बना रहता था, तो वहीं गर्मी और सर्दी में भी जीवन कष्टमय था। इसके अतिरिक्त, कच्चे मकान में कीड़े-मकोड़ों और जहरीले जीवों का भय लगातार सताता रहता था, जिससे रातें भी डर और चिंता में गुजरती थीं।

पक्के आवास की चाबी मिलने के बाद शम्मी के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने कहा कि अब उन्हें और उनके परिवार को एक सुरक्षित और आरामदायक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकार को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए धन्यवाद दिया, जिसके माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों को अपना घर मिल रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर गरीब परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि शम्मी दुर्गम की प्रतिक्रिया इस बात का प्रमाण है कि आवास योजना सही दिशा में काम कर रही है और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर उनके आवास मिलें।

यह घटना ग्वालियर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान हुई, जिसमें स्थानीय विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में कई अन्य लाभार्थियों को भी उनके नए घरों की चाबियाँ सौंपी गईं। सभी लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी और संतोष का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।

शम्मी दुर्गम की कहानी उन हजारों लोगों की कहानी है जो वर्षों से आवास की समस्या से जूझ रहे हैं। सरकार की इस पहल से उन्हें न केवल एक सुरक्षित घर मिला है, बल्कि एक बेहतर भविष्य की उम्मीद भी जगी है। यह घटना सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।