By: Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में सर्दी ने अपना पूरा रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दिसंबर के अंतिम दिनों में पूर्वी हवाओं के प्रभाव से दिन का तापमान तेजी से गिर रहा है, जिससे लगातार दूसरे दिन भी कोल्ड डे की स्थिति बनी हुई है। बुधवार को सुबह घने कोहरे ने शहर को पूरी तरह ढक लिया, दृश्यता महज 100 मीटर से कम रह गई। इस वजह से वाहन चालकों को दिन के उजाले में भी हेडलाइट्स जलाकर गाड़ियां चलानी पड़ रही हैं। कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा, कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं।
घना कोहरा और कम दृश्यता ने बढ़ाई मुश्किलें
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में घने कोहरे का प्रकोप सबसे ज्यादा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी हवाओं और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण मैदानी क्षेत्रों में कोहरा छा रहा है। सुबह के समय दृश्यता इतनी कम हो जाती है कि सड़कों पर कुछ मीटर आगे कुछ दिखाई नहीं देता। शहर के मुख्य मार्गों जैसे महाराजपुरा, फूलबाग, लश्कर और मुरार क्षेत्र में वाहन रेंगते हुए चल रहे हैं। ड्राइवरों को लो बीम हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार की सर्दी पिछले कुछ वर्षों की तुलना में ज्यादा तीव्र है। सुबह घर से निकलते समय हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं, और लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे और ऑफिस जाने वाले लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। कोहरे के कारण कई जगह छोटी-मोटी दुर्घटनाएं भी हुईं, हालांकि बड़ा हादसा टल गया।

ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक, यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं
कोहरे का सबसे बुरा असर रेल सेवाओं पर पड़ा है। ग्वालियर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें देरी से चल रही हैं। दिल्ली से आने वाली शताब्दी, मालवा एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनें औसतन 2 से 6 घंटे लेट हैं। प्लेटफॉर्म पर इंतजार कर रहे यात्री ठंड से ठिठुर रहे हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कम दृश्यता के कारण ट्रेनों की गति कम रखी जा रही है, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

नए साल के मौके पर यात्रा करने वालों की संख्या ज्यादा होने से स्टेशन पर भीड़ बढ़ गई है। कई यात्रियों को रात भर प्लेटफॉर्म पर ही गुजारनी पड़ रही है। रेलवे ने वेटिंग रूम में हीटर की व्यवस्था की है, लेकिन ठंड इतनी ज्यादा है कि लोग कंबल और जैकेट ओढ़कर भी ठिठुर रहे हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी और आगे का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, ग्वालियर समेत चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र में घना कोहरा और शीतलहर का अलर्ट जारी है। न्यूनतम तापमान 8-10 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, जबकि दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। कोल्ड डे की स्थिति तब घोषित होती है जब दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री कम हो और ठंडक महसूस हो।

आने वाले दिनों में भी राहत की उम्मीद कम है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को भी घना कोहरा और ठंड जारी रहने की संभावना है। नए साल की शुरुआत में भी मौसम का मिजाज तल्ख रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि लोग घर से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें, वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और ट्रेन यात्रा करने वाले यात्री अपडेट चेक करते रहें।
यह सर्दी ग्वालियरवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रही है, जहां परंपरागत रूप से कड़ाके की ठंड पड़ती है। लेकिन इस बार कोहरे ने जनजीवन को और ज्यादा प्रभावित कर दिया है। उम्मीद है कि जल्द ही मौसम में सुधार आएगा और लोग राहत की सांस लेंगे।
