by-Ravindra Sikarwar
बेंगलुरु: लोकप्रिय फास्ट फूड चेन केएफसी (KFC) के खिलाफ एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक महिला ग्राहक ने एचएसआर लेआउट स्थित आउटलेट से ऑर्डर किए गए चिकन बर्गर में सड़े हुए मांस की शिकायत की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो और पोस्ट के जरिए यह मामला सुर्खियों में आ गया है, जिससे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना न केवल ग्राहकों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाली लगती है, बल्कि आउटलेट के प्रबंधन की लापरवाही को भी उजागर करती है।
घटना का पूरा विवरण:
घटना हाल ही में एचएसआर लेआउट के केएफसी आउटलेट पर घटी, जहां एक महिला ने ‘हॉट एंड स्पाइसी चिकन जिंगर बर्गर’ ऑर्डर किया। जैसे ही उन्होंने पैकेट खोला, एक भयानक बदबू फैल गई। बर्गर की पैटी (चिकन का टुकड़ा) चिपचिपी, सड़ी हुई और पूरी तरह अखाद्य नजर आई। महिला ने तुरंत स्टाफ को इसकी सूचना दी और नया बर्गर मांगा। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, उन्हें दूसरा बर्गर भी उसी हालत में मिला – वही घिनौनी गंध और खराब चिकन के साथ।
महिला ने बताया कि उन्होंने पहले भी इसी आउटलेट से चिकन जिंगर बर्गर ऑर्डर किया था, लेकिन कभी ऐसी समस्या नहीं हुई। जब उन्होंने स्टाफ से शिकायत की, तो कर्मचारियों ने पहले तो मामले को हल्के में लिया। बाद में, उन्होंने चिकन बर्गर की जगह शाकाहारी (वेज) बर्गर देने का सुझाव दिया, जो स्पष्ट रूप से ग्राहक की पसंद के विपरीत था। महिला ने कहा, “मैं नॉन-वेज ही ऑर्डर करती हूं, वेज क्यों देंगे? यह तो धोखा है।”
अन्य ग्राहकों की भी यही शिकायत:
यह समस्या केवल एक महिला तक सीमित नहीं रही। आउटलेट पर मौजूद अन्य ग्राहकों ने भी समान अनुभव साझा किए। एक परिवार, जिसमें बच्चे भी शामिल थे, को भी वैसा ही सड़ा हुआ चिकन परोसा गया। एक अन्य ग्राहक ने पैटी बदलने की मांग की, लेकिन उन्हें फिर से वही खराब माल मिला। सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि आउटलेट का किचन बेहद गंदा था, जहां कचरा इधर-उधर बिखरा पड़ा था और स्वच्छता का नामोनिशान नहीं था। एक वीडियो में दिखाया गया है कि स्टाफ ग्राहकों को झिड़क रहा था और किचन दिखाने से साफ इनकार कर रहा था।
सोशल मीडिया पर वायरल, लोगों में आक्रोश:
यह पूरी घटना एक्स (पूर्व ट्विटर) पर ‘कर्नाटक पोर्टफोलियो’ नामक हैंडल द्वारा शेयर की गई। पोस्ट में लिखा गया: “चेतावनी: एचएसआर केएफसी, बैंगलोर – बेहद असुरक्षित भोजन। हमारी एक फॉलोअर ने शॉकिंग अनुभव साझा किया। बर्गर खोलते ही बदबू ऐसी कि खाना नामुमकिन। स्टाफ ने बदले की बजाय वेज थमा दिया। बच्चे और परिवारों को भी यही परोसा जा रहा था।” वीडियो में महिला की आवाज और खराब बर्गर की क्लोज-अप तस्वीरें साफ दिख रही हैं।
पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कई यूजर्स ने केएफसी को ‘स्वास्थ्य के लिए खतरा’ करार दिया। एक यूजर ने लिखा, “कभी-कभी तो लगता है कि ये चेन सिर्फ पैसे कमाने के लिए बने हैं, क्वालिटी की परवाह नहीं।” एक अन्य ने कहा, “बच्चों को सड़ा चिकन खिलाना अपराध है। फूड सेफ्टी अथॉरिटी को सूचित करना चाहिए।” कुछ ने पुरानी घटनाओं का जिक्र किया, जैसे जुलाई में एक इंस्टाग्राम यूजर ‘bano.fitindia’ द्वारा शेयर किया गया अंडरकुक्ड चिकन बर्गर का वीडियो, जो भी बेंगलुरु केएफसी से जुड़ा था।
केएफसी का क्या कहना है?
अभी तक केएफसी की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, कंपनी की पॉलिसी के अनुसार, वे हमेशा खाद्य गुणवत्ता पर जोर देते हैं। पिछले मामलों में, केएफसी ने जांच का वादा किया था और प्रभावित ग्राहकों को मुआवजा दिया था। लेकिन इस बार चुप्पी से सवाल और बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फास्ट फूड चेन को सख्त निगरानी की जरूरत है, खासकर स्टोरेज और कुकिंग प्रक्रिया में।
क्या करें ग्राहक?
- शिकायत दर्ज करें: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत करें।
- सोशल मीडिया का सहारा: वायरल पोस्ट की तरह, अपनी कहानी शेयर करें ताकि जागरूकता फैले।
- सावधानी बरतें: खरीदने से पहले रिव्यू चेक करें और पैकेट खोलकर तुरंत जांचें।
यह घटना केएफसी जैसे बड़े ब्रांड की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है। उम्मीद है कि जल्द ही जांच और दोषियों पर कार्रवाई होगी। ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि स्वास्थ्य पहले आता है। (स्रोत: सोशल मीडिया पोस्ट और वायरल वीडियो के आधार पर)
