BY: Yoganand Shrivastva
फिल्म इंडस्ट्री ने कई सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानियों को पर्दे पर उतारा है, जिन्होंने दर्शकों के रूह कंपा दी। इनमें से एक फिल्म है ‘सेक्टर 36’, जिसमें एक क्रूर साइको किलर की कहानी दिखाई गई है। इस फिल्म के हर सीन में डर और रहस्य का माहौल है, जो सोचने पर मजबूर कर देता है कि कोई अपनी हवस और मनोवैज्ञानिक विकृति के लिए कितनी दूर तक जा सकता है।
फिल्म की कहानी और प्रेरणा
‘सेक्टर 36’ की कहानी 2006 के निठारी हत्याकांड से प्रेरित है, जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। फिल्म का मुख्य किरदार प्रेम सिंह है, जो छोटे बच्चों को किडनैप करता, उनका शोषण करता और फिर उन्हें मार डालता है। कुछ मामलों में वह बच्चों के अंगों को बेच देता है और यहां तक कि उनके मांस को कुकर में पकाकर खा लेता है। इस फिल्म के डरावने और संवेदनशील दृश्यों को देखकर दर्शकों के दिल में थरथराहट होती है और यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि हमारे आस-पास ऐसे किस तरह के लोग हो सकते हैं।
कलाकारों का प्रभावशाली अभिनय
विक्रांत मैसी ने इस फिल्म में प्रेम सिंह की भूमिका निभाई है। उनके अभिनय की वजह से यह किरदार और भी डरावना और हृदयविदारक बन गया है। दीपक डोबरियाल ने इंस्पेक्टर रामचरण पांडे की भूमिका निभाई, जो अपने चरित्र में सहज और प्रभावशाली लगे। फिल्म के निर्देशक आदित्य निंबालकर ने अपनी पहली ही फिल्म में दर्शकों को झकझोर दिया। यह फिल्म 13 सितंबर 2024 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई थी और इसे देखने के बाद कई लोग सोचने पर मजबूर हो गए कि अपराध और मानवीय दुराचार की सीमा कहाँ तक हो सकती है।
दर्शकों पर प्रभाव
‘सेक्टर 36’ में कई दृश्य हैं जो दर्शकों की धड़कनें तेज कर देते हैं। फिल्म की शुरुआत से ही खौफ का माहौल बना रहता है और अंत तक यह रोमांच और भय दोनों बनाए रखती है। लापता बच्चे, खुला घूमता सीरियल किलर और अपराध की भयावहता को दिखाते हुए फिल्म दर्शकों के मन में डर और चेतावनी दोनों पैदा करती है।
