
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने CNBC आवाज़ के पूर्व एंकर हेमंत घई, उनकी पत्नी जया घई और मां श्याम मोहिनी घई को पांच साल के लिए शेयर बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा, हेमंत घई और उनकी पत्नी को ₹6.16 करोड़ की अवैध कमाई लौटाने का आदेश दिया गया है।
SEBI की जांच में क्या सामने आया?
SEBI की जांच में खुलासा हुआ कि हेमंत घई ने अपने टीवी शो में दी गई स्टॉक सिफारिशों का दुरुपयोग करते हुए, अपनी पत्नी और मां के खाते से संशयास्पद लेनदेन किए। इस प्रक्रिया में, गोपनीय जानकारी का लाभ उठाकर उन्होंने अवैध रूप से लाखों का मुनाफा कमाया।
SEBI के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने अपने आदेश में कहा कि, “स्टॉक सिफारिशों और ट्रेडिंग गतिविधियों के बीच स्पष्ट संबंध पाया गया, जिससे यह साबित होता है कि बाज़ार में हेरफेर किया गया था।”
कैसे की गई थी यह अवैध ट्रेडिंग?
हेमंत घई CNBC आवाज़ के कई प्रमुख शो होस्ट करते थे, जैसे:
- “स्टॉक 20-20” (सुबह 7:20 बजे, सोमवार से शुक्रवार)
- “मुनाफे की तैयारी – पहला सौदा”
- “कमाई का अड्डा”
SEBI की जांच के अनुसार, 1 जनवरी 2018 से 13 जनवरी 2021 के बीच BTST (Buy Today, Sell Tomorrow) और इंट्राडे ट्रेड्स में भारी गतिविधि दर्ज की गई। जांच में यह भी पाया गया कि इन ट्रेड्स के माध्यम से ₹6.15 करोड़ का अवैध लाभ कमाया गया।
अन्य संस्थाओं पर भी लगा जुर्माना
इस घोटाले में शामिल MAS Consultancy Service और Motilal Oswal Financial Services Ltd. पर भी SEBI ने कार्रवाई की है। चारों पर कुल ₹1.35 करोड़ का जुर्माना लगाया गया:
- हेमंत घई और उनकी पत्नी जया घई पर ₹50 लाख का जुर्माना प्रत्येक
- MAS Consultancy Service पर ₹30 लाख का जुर्माना
- Motilal Oswal Financial Services Ltd. पर ₹5 लाख का जुर्माना
SAT ने पहले अंतरिम प्रतिबंध पर लगाई थी रोक
सितंबर 2022 में, Securities Appellate Tribunal (SAT) ने SEBI के जनवरी 2021 के अंतरिम प्रतिबंध पर रोक लगाई थी, लेकिन जांच जारी रखने का आदेश दिया था। हालांकि, अब SEBI ने विस्तृत जांच के बाद दोष सिद्ध होने पर अंतिम आदेश जारी किया है।
SEBI के फैसले के प्रमुख बिंदु
✔️ 5 साल के लिए हेमंत घई, उनकी पत्नी और मां पर शेयर बाजार में व्यापार करने पर रोक
✔️ ₹6.16 करोड़ का अवैध लाभ लौटाने का आदेश
✔️ SEBI के साथ पंजीकृत किसी भी कंपनी या मध्यस्थ के साथ काम करने पर प्रतिबंध
हेमंत घई का पक्ष
हेमंत घई ने SEBI के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी स्टॉक सिफारिशें सार्वजनिक जानकारी पर आधारित थीं और उनका उद्देश्य केवल न्यूज प्रसारित करना था, न कि बाजार को प्रभावित करना। लेकिन SEBI ने अपनी जांच में पाया कि उनकी सिफारिशों के तुरंत बाद स्टॉक्स के दाम और ट्रेडिंग वॉल्यूम में बदलाव हुआ, जिसे मात्र संयोग नहीं माना जा सकता।
निष्कर्ष
SEBI ने शेयर बाजार में अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए हेमंत घई और उनकी पत्नी को बड़ी सजा दी है। यह फैसला निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
