by-Ravindra Sikarwar
पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में यातायात नियमों की अनदेखी करने की भयंकर सजा भुगतनी पड़ी एक स्कूटी चालक को। 28 साल के नौजवान, जिसकी स्कूटी की कीमत सिर्फ 1 लाख रुपये थी, को हेलमेट न पहनने समेत कई गुनाहों के लिए 21 लाख रुपये का भारी-भरकम चालान थमा दिया गया। यह वाकया 8 नवंबर 2025 को हिनजेवाड़ी क्षेत्र में घटी, जब पुणे ट्रैफिक पुलिस की स्पेशल चेकिंग टीम ने वाहनों की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी पर पिछले चार सालों में 2,100 से ज्यादा चालान लंबित थे, जिन्हें जोड़कर एक साथ वसूली की गई।
आरोपी का नाम राजेश कुमार मेहता (बदला हुआ नाम) है, जो एक प्राइवेट फर्म में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। जांच में खुलासा हुआ कि 2021 से अब तक उसने 1,800 से अधिक बार हेलमेट नहीं लगाया, 150 बार बिना हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट के गाड़ी चलाई, 80 बार बिना वैध इंश्योरेंस के सड़क पर उतरा और सैकड़ों छोटे-मोटे नियम तोड़े। हर चालान 500 से 1,000 रुपये का था, जो ब्याज और पेनल्टी मिलाकर 21 लाख तक जा पहुंचा। पुलिस ने ऑनलाइन चालान सिस्टम की मदद से सारे पुराने रिकॉर्ड जोड़े और एकमुश्त नोटिस जारी किया।
पुणे ट्रैफिक पुलिस के डीसीपी विजय मगर ने बताया, “हमने ‘जीरो टॉलरेंस’ का रुख अपनाया है। डिजिटल सिस्टम की वजह से अब कोई अपराध छिप नहीं सकता। यह शख्स बार-बार गलती दोहराता रहा, इसलिए हमने सभी चालान एकत्र कर सख्त कदम उठाया।” पुलिस ने स्कूटी जब्त कर ली और चालक को अदालत में हाजिर होने को कहा। यदि 15 दिन में पेमेंट नहीं हुआ, तो उसकी संपत्ति जब्त होगी और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
यह केस महाराष्ट्र मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 183, 192 और सेंट्रल मोटर व्हीकल नियमों के तहत दर्ज हुआ। हेलमेट न लगाने पर पहली बार 1,000 रुपये जुर्माना और 3 महीने लाइसेंस सस्पेंड होता है, लेकिन बार-बार अपराध पर दोगुना दंड लगता है। पुणे में पिछले साल से ई-चालान व्यवस्था को और कड़ा किया गया है, जिसमें सीसीटीवी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैमरे और हैंडहेल्ड मशीनों से तुरंत चालान कटता है। 2025 में अब तक 50 लाख से ज्यादा चालान जारी हो चुके हैं, जिनमें 30 फीसदी हेलमेट से जुड़े हैं।
युवक ने कोर्ट में रहम की अर्जी दी है, जिसमें कहा कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है और इतनी राशि नहीं चुका सकता। उसने माफी मांगी और आगे नियम मानने का वचन दिया। लेकिन कोर्ट ने फिलहाल कोई राहत नहीं दी और अगली तारीख 25 नवंबर तय की।
यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है, जहां लोग इसे “कठोर मगर जरूरी” कदम बता रहे हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे कदम दुर्घटनाएं कम करेंगे, क्योंकि पुणे में हर साल 400 से अधिक मौतें दोपहिया वाहनों की टक्कर में होती हैं, जिनमें 80 प्रतिशत मामलों में हेलमेट अनुपस्थिति मुख्य वजह होती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे Parivahan ऐप या वेबसाइट पर अपने पुराने चालान चेक करें और समय पर भुगतान करें, वरना ऐसा ही हश्र होगा।
