By: Ravindra Sikarwar
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को युवा पीढ़ी को दो सबसे बड़े “आधुनिक जहरों” से सावधान रहने की चेतावनी दी – एक तरफ ड्रग्स का बढ़ता नशा और दूसरी तरफ मोबाइल फोन की अंधाधुंध लत। गोरखपुर स्थित महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के भव्य प्रेक्षागृह में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 93वें संस्थापक सप्ताह समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यदि आज का युवा इन दोनों खतरों से खुद को बचा लेता है, तो वह न केवल अपना जीवन संवारेगा बल्कि विकसित भारत के सपने को भी साकार करने में सबसे बड़ी ताकत बनेगा।
मुख्यमंत्री ने बेबाक अंदाज में कहा, “आज नशे का कारोबार करने वाले माफिया और सोशल मीडिया की दुनिया मिलकर हमारे युवाओं को खोखला करने पर तुले हैं। एक तरफ ड्रग्स शरीर को तबाह कर रहा है, दूसरी तरफ मोबाइल की स्क्रीन दिमाग को गुलाम बना रही है। दोनों ही हालात में युवा अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी भूल जाता है।” उन्होंने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए अपील की कि वे इन दोनों व्यसनों से दूर रहें और अपने समय का उपयोग पढ़ाई, खेलकूद, कौशल विकास और राष्ट्र-सेवा में करें।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने भी सीएम की बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात सैनिकों से लेकर गाँव के खेतों में काम करने वाले किसान तक – सभी को आज नशा मुक्त और अनुशासित युवाओं की जरूरत है।
सीएम योगी ने खास तौर पर अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों को जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा, “स्कूल-कॉलेज में पढ़ाने वाले शिक्षक और घर में बच्चों को पालने वाले माता-पिता दोनों को सतर्क रहना होगा। नशे का पहला डोज अक्सर दोस्तों के दबाव में या जिज्ञासावश लिया जाता है, लेकिन उसकी लत जीवन भर का दर्द देती है। इसी तरह मोबाइल पर घंटों रील्स देखना या गेम खेलना शुरू में मजा लगता है, लेकिन धीरे-धीरे यह नींद, पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य सब छीन लेता है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। पिछले कुछ वर्षों में हजारों करोड़ रुपए का ड्रग्स जब्त किया गया है और सैकड़ों बड़े सप्लायरों को जेल भेजा गया है। लेकिन केवल सरकारी कार्रवाई काफी नहीं है – समाज को भी आगे आना होगा। उन्होंने युवाओं से कहा, “अगर कोई दोस्त या साथी नशे की तरफ जा रहा हो तो उसे रोकना आपका फर्ज है। यही सच्चा मित्रता है।”
समारोह में शिक्षा परिषद के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरिंदर सिंह, परिषद के उपाध्यक्ष राजेश मोहन सरकार, कार्यक्रम संचालक डॉ. श्रीभगवान सिंह के अलावा प्रदेश के कई मंत्री, विधायक, महापौर, एमएलसी, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति और गोरखपुर के प्रमुख महंतगण भी मौजूद रहे।
अंत में सीएम योगी ने सभी युवाओं से संकल्प दिलाया – “न नशा करेंगे, न करने देंगे; न मोबाइल के गुलाम बनेंगे, न बनने देंगे।” उन्होंने कहा कि 2047 तक जब देश आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब दुनिया का सबसे ताकतवर और समृद्ध राष्ट्र बनेगा तो उसमें उत्तर प्रदेश के नशा-मुक्त, अनुशासित और जागरूक युवाओं का सबसे बड़ा योगदान होगा।
यह संदेश केवल गोरखपुर के सभागार तक सीमित नहीं रहा – यह पूरे प्रदेश और देश के लाखों युवाओं तक पहुँचने वाला है। क्योंकि जैसा योगी जी ने कहा, “युवा अगर संभल गया तो देश अपने आप संभल जाएगा।”
