by-Ravindra Sikarwar
ऋषिकेश: उत्तराखंड के पवित्र शहर ऋषिकेश में एक सौंदर्य प्रतियोगिता की तैयारी के दौरान एक विवादास्पद घटना घटी, जहां एक दक्षिणपंथी संगठन के सदस्यों ने रिहर्सल को बाधित करने की कोशिश की। यह घटना 4 अक्टूबर 2025 को दोपहर करीब 2 बजे हुई, जब लायंस क्लब रिशिकेश रॉयल द्वारा आयोजित ‘मिस ऋषिकेश’ प्रतियोगिता की रिहर्सल चल रही थी। यह प्रतियोगिता दिवाली मेले का हिस्सा है और इसका उद्देश्य स्थानीय युवतियों को बड़े स्तर की सौंदर्य प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर प्रदान करना है।
घटना का विवरण:
राष्ट्रीय हिंदू शक्ति संगठन नामक समूह के सदस्य, जिनका नेतृत्व राज्य अध्यक्ष राघवेंद्र भटनागर कर रहे थे, अचानक होटल के आयोजन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग ले रही युवतियों के पश्चिमी परिधानों पर आपत्ति जताई और कहा कि यह उत्तराखंड की संस्कृति और सनातन धर्म के विरुद्ध है। भटनागर ने युवतियों से सीधे बातचीत की और कहा, “मॉडलिंग खत्म हो गई, घर जाओ। यह हमारी संस्कृति नहीं है। सनातन धर्म महिलाओं को शालीनता से कपड़े पहनने की शिक्षा देता है। ऐसे आयोजन सामाजिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं।” उन्होंने आगे जोड़ा कि ऋषिकेश एक तीर्थस्थल है, जहां इस तरह की गतिविधियां नहीं होनी चाहिए और यदि करना ही है तो घर पर करें। समूह के सदस्यों ने युवतियों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी शुरू कर दी, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
यह संगठन जनवरी 2017 में पंजीकृत हुआ है और अपनी वेबसाइट पर खुद को धार्मिक रूपांतरणों का विरोध करने वाला तथा ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों पर कानूनों का समर्थन करने वाला बताता है। उनके अनुसार, ऐसे आयोजन ऋषिकेश की आध्यात्मिक छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।
प्रतिभागियों और आयोजकों का जवाब:
रिहर्सल में मौजूद युवतियां और आयोजक इस हस्तक्षेप से विचलित नहीं हुए और उन्होंने मजबूती से अपना पक्ष रखा। एक प्रतिभागी ने भटनागर से सीधे सवाल किया, “सिगरेट और शराब बेचने वाली दुकानें बंद करवाइए, ऐसे कपड़े बेचने वाली दुकानें बंद करवाइए। आप हमारी वीडियो बिना अनुमति के रिकॉर्ड नहीं कर सकते। हमें माफ कीजिए, हम आपकी बात नहीं मान सकते। आप कौन होते हैं हमें यह बताने वाले?” एक अन्य प्रतिभागी मुस्कान शर्मा ने दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाया और कहा कि फैशन उद्योग में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग नियम क्यों हैं। उन्होंने जोर दिया कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवतियों के करियर के लिए महत्वपूर्ण हैं और सांस्कृतिक विविधता का सम्मान किया जाना चाहिए।
शो के समन्वयक ने हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट किया कि कार्यक्रम प्रतिभागियों के माता-पिता की सहमति से आयोजित किया जा रहा है। लायंस क्लब रॉयल के निदेशक धीरज मखीजा ने बताया कि क्लब पिछले पांच वर्षों से इस प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है और पहले कभी ऐसी आपत्ति नहीं आई। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य स्थानीय युवतियों को मिस उत्तराखंड जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में भाग लेने का मंच प्रदान करना है। यह आयोजन समुदाय की सेवा और सशक्तिकरण के लिए है।” क्लब के अध्यक्ष पंकज चंदानी ने भी समर्थन में कहा कि उनका इरादा किसी की धार्मिक या सांस्कृतिक भावनाओं को आहत करने का नहीं है, बल्कि युवतियों को अवसर देने का है। उन्होंने जोर दिया कि प्रतिभागी वयस्क हैं और अपने परिधान चुनने में सक्षम हैं।
विवाद का समाधान और परिणाम:
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से स्थिति को शांत किया गया। पुलिस ने बताया कि इस घटना के संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई और दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। विवाद के बावजूद, ‘मिस ऋषिकेश’ प्रतियोगिता निर्धारित समय पर 5 अक्टूबर 2025 को सफलतापूर्वक आयोजित की गई। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
यह घटना उत्तराखंड जैसे सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में आधुनिक आयोजनों और परंपरागत मूल्यों के बीच टकराव को दर्शाती है। हालांकि, प्रतिभागियों की दृढ़ता और आयोजकों के समर्थन से आयोजन बिना किसी बड़े बाधा के पूरा हुआ, जो महिला सशक्तिकरण और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करता है।
