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Report by: Arvind Singh

Sagar : मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक माँ की ममता और मानसिक पीड़ा ने ऐसा खौफनाक मोड़ लिया कि उसने अपनी ही चार बेटियों को मौत के घाट उतारने के बाद खुदकुशी कर ली। गुरुवार सुबह सविता बाई (30) और उसकी चार बेटियों—अंशिका (7), रक्षा (5), दीक्षा (3) और मात्र 5 महीने की मनीषा—के शव बरामद हुए। 5 महीने की सबसे छोटी मासूम का शव चादर में बंधा हुआ कुएं से मिला, जबकि माँ का शव पास के ही एक पेड़ से लटका पाया गया।

सोती हुई बहन को बाहर से किया बंद, फिर दिया अंजाम

Sagar मृतका की छोटी बहन मीना ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि सविता ने इस आत्मघाती कदम को बहुत ही सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। बुधवार की रात जब सब सो रहे थे, तब सविता ने मीना के कमरे से तीन बेटियों को उठाया। मीना की नींद खुली तो उसने ध्यान नहीं दिया, लेकिन सुबह जब उसकी आँख खुली तो दरवाजा बाहर से बंद था।

सविता ने पहले अपनी चारों बेटियों को घर से 500 मीटर दूर स्थित 20 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया और उसके बाद खुद भी फंदे पर झूल गई। सुबह जब ससुर और परिजनों ने तलाश शुरू की, तो एक-एक कर कुएं से चारों बच्चियों के शव बाहर निकाले गए।

पति की बेरुखी: 5 महीने की बेटी का चेहरा तक नहीं देखा

Sagar इस सामूहिक मौत के पीछे का मुख्य कारण पति की नाराजगी और परिवार में ‘बेटे की चाहत’ को माना जा रहा है। परिजनों के मुताबिक:

  • 11 महीने से घर नहीं आया पति: सविता का पति चंद्रभान लोधी पिछले करीब एक साल से जबलपुर में बस चला रहा है और घर नहीं लौटा।
  • चौथी बेटी से नाराजगी: पाँच महीने पहले जब चौथी बेटी पैदा हुई, तब भी चंद्रभान अपनी पत्नी और बच्चों को देखने नहीं आया। उसने अपनी सबसे छोटी बेटी का चेहरा तक नहीं देखा था।
  • तनावपूर्ण रिश्ता: ग्रामीण और परिजन दबी जुबान में कह रहे हैं कि बेटा न होने के कारण चंद्रभान अपनी पत्नी से नाराज रहता था, जिससे सविता गहरे मानसिक तनाव में थी।

सिम तोड़कर फेंकी, संपर्क के सारे रास्ते बंद

Sagar सविता ने सुसाइड से पहले अपने पति से संपर्क के सारे रास्ते भी खत्म कर दिए थे। उसने अपने मोबाइल की सिम निकालकर फेंक दी थी ताकि परिवार का कोई सदस्य उसके पति से बात न कर सके। ससुर ज्ञानी सिंह लोधी का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि बहू के मन में इतना बड़ा कदम उठाने की बात चल रही है।

पुलिस ने मौके पर पहुँचकर सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है। गाँव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई उन चार मासूमों की मौत पर स्तब्ध है, जिनका इस पारिवारिक कलह में कोई दोष नहीं था।

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