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RTO: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ग्वालियर और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेले के दौरान बिकने वाले वाहनों पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट को मंजूरी दी गई। इस फैसले से मेले में वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

RTO: कैबिनेट में प्रस्ताव पर हुई लंबी चर्चा

वाहन कर में छूट के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद में विस्तृत चर्चा हुई। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस प्रस्ताव को रखा, जिसे कई मंत्रियों का समर्थन मिला। हालांकि वित्त विभाग ने संभावित राजस्व नुकसान और वित्तीय दबाव का हवाला देते हुए आपत्ति जताई, लेकिन अंततः क्षेत्रीय महत्व और जनहित को देखते हुए प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई।

RTO: राजस्व प्रभाव के बावजूद मिली मंजूरी

कैबिनेट के आकलन के अनुसार, इस छूट से लगभग 375 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की संभावना है। इसके बावजूद सरकार ने माना कि ग्वालियर और उज्जैन के व्यापार मेले ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं तथा इनसे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

शिक्षकों और स्पेस टेक नीति को भी हरी झंडी

बैठक में शिक्षकों के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया। 1 जुलाई 2023 या उसके बाद 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने वाले सहायक शिक्षक, शिक्षक और नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने के लिए 322 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई। इसके साथ ही मप्र स्पेस टेक नीति–2026 को स्वीकृति दी गई, जिससे अगले पांच वर्षों में हजार करोड़ रुपये के निवेश और करीब आठ हजार रोजगार सृजन का अनुमान है।

अन्य विकास और कल्याणकारी फैसले

कैबिनेट ने कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी, जिनमें सांदीपनि विद्यालयों, सिंचाई परियोजनाओं, शहरी अधोसंरचना विकास, जल आवर्धन योजनाओं और सौर ऊर्जा परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं और चायनीज मांजे से हो रही दुर्घटनाओं पर चिंता जताते हुए जनजागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।

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