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Report by: Ishu Kumar

Roorkee : उत्तराखंड के रुड़की अंतर्गत पिरान कलियर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ सिंचाई विभाग ने निर्णायक जंग छेड़ दी है। गंगनहर पटरी (कांवड़ पटरी) के किनारे अवैध रूप से बसाई जा रही कॉलोनियों और बिना अनुमति बनाए गए रास्तों को ध्वस्त करने के लिए विभाग अब बुलडोजर का सहारा लेने जा रहा है। अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकारी संपत्ति के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

अवैध कॉलोनियों और रास्तों पर सर्जिकल स्ट्राइक

Roorkee गंगनहर के किनारे स्थित बेशकीमती सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं ने नियमों को ताक पर रखकर न केवल अवैध कॉलोनियां काट दी हैं, बल्कि विभाग की अनुमति के बिना पक्के रास्ते भी निर्मित कर लिए हैं। सिंचाई विभाग के अनुसार, ये रास्ते पूरी तरह अवैध हैं और नहर की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक भी हो सकते हैं। प्रशासन ने इन रास्तों को तत्काल प्रभाव से बंद करने और अतिक्रमण हटाने की कार्ययोजना तैयार कर ली है।

कानूनी कार्रवाई और पेड़ों के अवैध कटान पर जांच

Roorkee मामला सिर्फ जमीन कब्जे तक ही सीमित नहीं है; विभाग ने उन घटनाओं को भी गंभीरता से लिया है जहाँ नहर पटरी के आसपास के हरे-भरे पेड़ों को गुपचुप तरीके से काट दिया गया।

  • मुकदमा दर्ज: अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
  • पेड़ों की जांच: बिना अनुमति पेड़ों की कटाई के मामले में विभागीय जांच शुरू हो गई है, जिसमें संलिप्त पाए जाने वाले लोगों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का तालमेल और ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ का गठन

Roorkee अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दो बड़े कदम उठाए हैं:

  1. विकास प्राधिकरण को निर्देश: सिंचाई विभाग ने रुड़की विकास प्राधिकरण को सख्त लहजे में पत्र लिखा है कि नहर किनारे विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों के नक्शे पास न किए जाएं। साथ ही, इन क्षेत्रों में बिजली और पानी के नए कनेक्शन न देने की अपील की गई है ताकि अवैध बसावट को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।
  2. स्पेशल टास्क फोर्स (STF): अतिक्रमण को तुरंत चिन्हित करने और उसे ध्वस्त करने के लिए एक समर्पित ‘स्पेशल टास्क फोर्स’ बनाने की तैयारी है। यह टीम नियमित रूप से गश्त करेगी और कहीं भी अवैध निर्माण दिखने पर उसे मौके पर ही गिरा देगी।

सिंचाई विभाग की इस सक्रियता ने क्षेत्र के भू-माफियाओं और अवैध संपत्ति के कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है। विभाग का कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पूरी सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त नहीं हो जाती।

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