By: Yogendra Singh
Rohtas : बिक्रमगंज अनुमंडल क्षेत्र में मानव तस्करी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि गरीब और असहाय परिवारों की बेटियों को अच्छे घर में विवाह का सपना दिखाकर उन्हें दूसरे राज्यों में भेजने की साजिश रची जा रही थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को टारगेट करता था और शादी के नाम पर सौदेबाजी करता था।
स्थानीय दलाल बाहरी राज्यों से आए लोगों के साथ मिलकर पूरे षड्यंत्र को अंजाम देते थे। मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर एक युवती को जबरन ले जाए जाने से बचा लिया।

बिक्रमगंज पुलिस की त्वरित कार्रवाई, चार लोग दबोचे
Rohtas पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों में भीलवाड़ा जिले के सवाईपुर निवासी कथित दूल्हा निर्मल और उसके पिता रतनलाल शामिल हैं। इसके अलावा करगहर थाना क्षेत्र के सिमरिया गांव के संजय साह और उनकी पत्नी रूबी देवी को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, संजय और रूबी स्थानीय स्तर पर संपर्क साधने और परिवारों को मनाने का काम करते थे। उनके पास से 20 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं, जिसे पुलिस कथित लेनदेन से जोड़कर देख रही है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

युवती की सतर्कता और पुलिस गश्ती से खुला राज
Rohtas जानकारी के अनुसार, अकोढ़ीगोला थाना क्षेत्र की एक युवती की शादी राजस्थान निवासी युवक से कराई गई थी। परिजनों को भरोसा दिलाया गया था कि शादी के बाद लड़की बिहार में ही रहेगी। हालांकि विवाह के बाद उसे जबरन राजस्थान ले जाने की कोशिश की गई।
तेंदुनी चौक के पास गश्त कर रही पुलिस ने युवती को खींचतान के बीच देखा और तुरंत कार्रवाई की। पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हुआ।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिंधु शेखर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच मानव तस्करी की ओर इशारा करती है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह का नेटवर्क अन्य राज्यों तक फैला है या नहीं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बेटियों की शादी के मामलों में पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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