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By: Yogendra Singh

Rohtas : जिले के पहाड़ी इलाकों से भटककर एक दुर्लभ जीव वज्रकिट (पैंगोलिन) ग्रामीण क्षेत्र में पहुंच गया, जिसे वन विभाग की टीम ने बुधवार को सुरक्षित रेस्क्यू किया। यह घटना चेनारी थाना क्षेत्र के हरनापुर गांव की है, जहां ग्रामीणों ने वन विभाग को तत्काल सूचना दी।

Rohtas : ग्रामीणों की सतर्कता और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई

वज्रकिट के गांव में दिखाई देने के बाद लोगों में कौतूहल और उत्सुकता देखी गई। कई ग्रामीण मौके पर जमा होकर इसे देखने आए और इस अद्भुत जीव के बारे में चर्चा करने लगे। हालांकि, जीव की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचित किया। वन विभाग की टीम ने तत्काल गांव पहुंचकर वज्रकिट को सुरक्षित रेस्क्यू किया और इसे वन विभाग के केंद्र में लाया।

Rohtas : मेडिकल जांच और सुरक्षा

जिला वन पदाधिकारी स्टालिन फीडल के कुमार ने बताया कि रेस्क्यू किए गए वज्रकिट का मेडिकल चेकअप चल रहा है। जांच के बाद इसे सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ने की योजना बनाई जाएगी। यह कदम जीव की सुरक्षा और प्राकृतिक आवास में लौटाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वज्रकिट की विशेषताएं और विलुप्ति का खतरा

वज्रकिट, जिसे पैंगोलिन फोलिडोटा कहा जाता है, एक अत्यंत दुर्लभ स्तनधारी है। इसके शरीर पर केराटिन से बने शल्क होते हैं, जो इसे खुद को सिकोड़कर शिकारियों से बचाने में मदद करते हैं। यह स्तनधारी प्राणी केवल अफ्रीका और एशिया के कुछ क्षेत्रों में पाया जाता है। भारत में इसे सल्लू साँप के नाम से भी जाना जाता है।

हालांकि, वनों की कटाई और तस्करी के कारण वज्रकिट की प्रजातियां लगातार घट रही हैं और सभी पर विलुप्ति का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। वन विभाग इस जीव की सुरक्षा और संरक्षण के लिए लगातार कदम उठा रहा है।

इस घटना ने यह भी साबित किया कि स्थानीय समुदाय और वन विभाग मिलकर वन्य जीवों के संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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