
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद बुधवार को अपने सरकारी आवास से ‘भारत शौर्य तिरंगा यात्रा’ को रवाना कर भारतीय सेना के शौर्य को सलाम किया। उन्होंने स्वयं हाथ में तिरंगा लेकर यात्रा का नेतृत्व किया। इस दौरान कालिदास मार्ग पर भीषण गर्मी के बावजूद युवाओं का तिरंगा थामे जोश देखते ही बन रहा था। राजधानी लखनऊ में भारतीय सेना के प्रति ऐसा अभूतपूर्व उत्साह देखकर मुख्यमंत्री ने भी इसकी सराहना की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के वीर जवानों, पूर्व सैनिकों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को सलाम करते हुए बहादुर जवानों का सम्मान करने के लिए उत्सुक है।
तिरंगा भारत की आन-बान-शान का प्रतीक:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जवानों के सम्मान में भाजपा द्वारा शुरू की गई यह तिरंगा यात्रा भारत की आन, मान, शान और पराक्रम का प्रतीक है। तिरंगे के प्रति सम्मान व्यक्त करने, सैनिकों को सर्वोच्च सम्मान देने और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार प्रकट करने के लिए आज से उत्तर प्रदेश में इस यात्रा का शुभारंभ हो रहा है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद इतनी सुबह लोगों की उपस्थिति भारतीय सेना के प्रति सम्मान की अनुपम अभिव्यक्ति है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय नागरिकों ने सैनिकों और देश की सरकार के प्रति इसी धैर्य और समर्पण का भाव प्रदर्शित किया।
‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से ही बनेगा विकसित भारत:
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का पहले दिन से ही यह संकल्प रहा है कि जब हम नए और विकसित भारत की बात करते हैं, तो हमारा एकमात्र ध्येय ‘राष्ट्र प्रथम’ होना चाहिए। विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए यह आवश्यक है कि हम ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ कार्य करें। जब 140 करोड़ भारतीयों की प्राथमिकता ‘राष्ट्र प्रथम’ होगी, तो हर नागरिक अपने-अपने क्षेत्र में कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए तत्पर होगा, और तब दुनिया की कोई भी ताकत भारत के सामने नहीं टिक पाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल पूरे देश को एकजुट रखा, बल्कि पंजाब के आदमपुर जाकर बहादुर जवानों का हौसला भी बढ़ाया। उन्होंने पाकिस्तान को विफल राष्ट्र बताते हुए कहा कि उसने 75 वर्षों में केवल आतंकवाद के बीज बोए हैं।
