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by Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: टेलीकॉम सेक्टर में एक क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी चल रही है। दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने दूरसंचार विभाग (DoT) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अब आपके फोन पर आने वाली हर कॉल के साथ कॉल करने वाले का सत्यापित नाम** भी प्रदर्शित होगा। यह सुविधा कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) के नाम से जानी जाएगी और यह डिफॉल्ट रूप से सक्रिय रहेगी। इसका उद्देश्य स्पैम, धोखाधड़ी भरी कॉल्स, जंक कॉल्स और साइबर अपराधों जैसे डिजिटल अरेस्ट या वित्तीय धोखे को रोकना है।

CNAP क्या है और यह कैसे काम करेगी?
CNAP एक नेटवर्क-आधारित सेवा है जो कॉल रिसीव करने वाले के स्क्रीन पर कॉलर का KYC-आधारित पंजीकृत नाम दिखाएगी। यह नाम सिम कार्ड रजिस्ट्रेशन के समय भरा गया ग्राहक आवेदन फॉर्म (CAF) से लिया जाएगा, जो पूरी तरह सत्यापित होगा।

काम करने का तरीका:

  • हर टेलीकॉम ऑपरेटर (जैसे Jio, Airtel, Vi) को अपना CNAM (कॉलिंग नेम) डेटाबेस बनाना होगा, जिसमें हर सब्सक्राइबर का फोन नंबर उनके सत्यापित नाम से जुड़ा होगा।
  • जब कोई कॉल आएगी, तो रिसीवर के नेटवर्क पर स्वचालित चेक होगा और नाम स्क्रीन पर फ्लैश हो जाएगा – कॉल कनेक्ट होने से पहले ही।
  • यह ट्रूकॉलर जैसी थर्ड-पार्टी ऐप्स से अलग है, क्योंकि यह आधिकारिक और 100% सटीक जानकारी देगी, बिना किसी फाल्स पॉजिटिव के।

डिफॉल्ट ऑन, ऑप्ट-आउट ऑप्शन: सेवा स्वचालित रूप से सभी यूजर्स के लिए चालू होगी। जो नहीं चाहेंगे, वे अपने ऑपरेटर से संपर्क कर डिसेबल करवा सकेंगे।

TRAI-DoT के बीच सहमति कैसे बनी?

  • फरवरी 2024 में TRAI ने CNAP की सिफारिश की थी, लेकिन ऑप्ट-इन (रिसीवर की मांग पर) मोड सुझाया।
  • DoT ने डिफॉल्ट ऑन की मांग की, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग फायदा उठा सकें।
  • 28 अक्टूबर 2025 को TRAI ने DoT के विचार से पूर्ण सहमति जताई। अब DoT फाइनल फ्रेमवर्क बनाएगा।

कार्यान्वयन का रोडमैप: पायलट से फुल रोलआउट तक

चरणसमयसीमाविवरण
पायलट लॉन्च7 दिनों में (4 नवंबर 2025 तक)हर ऑपरेटर कम से कम 1 सर्कल में शुरू करेगा। उदाहरण: Vi और Jio हरियाणा में। साप्ताहिक रिपोर्ट DoT को। 60 दिनों तक चलेगा।
ट्रायल्सपूरा हो चुकाहरियाणा और महाराष्ट्र में 4G/5G पर सफल। Jio इन-हाउस टेक, Airtel-Vi ने Nokia IMS प्लेटफॉर्म यूज किया।
फुल रोलआउटमार्च 2026 तकपूरे देश में 4G/5G पर। 2G यूजर्स (20 करोड़) बाहर – तकनीकी समस्या से। बाद में शामिल होंगे।
डिवाइस सपोर्ट6 महीने बाद अनिवार्यनई मोबाइल्स में बिल्ड-इन। MeitY से चर्चा।

2G बहिष्कार: पुराने 2G स्विचेस में सॉफ्टवेयर पैच नहीं, इसलिए फीचर फोन यूजर्स को अपग्रेड करना पड़ेगा।

CLIR यूजर्स सुरक्षित: कॉल लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन वाले (जासूस, VIP) के नाम नहीं दिखेंगे।

फायदे: स्पैम का अंत, सुरक्षा में इजाफा

  • स्पैम/स्कैम 90% कम: अनजान नंबर देखकर कॉल न उठाएं।
  • साइबरक्राइम पर ब्रेक: फर्जी बैंक/पुलिस कॉल्स पकड़े जाएंगे।
  • ट्रस्ट बढ़ेगा: खासकर बुजुर्गों के लिए वरदान।
  • विश्व स्तर पर बड़ा: भारत का CNAP दुनिया का सबसे बड़ा सत्यापित सिस्टम बनेगा।

TRAI का बयान: “यह सुविधा रिसीवर को सूचित निर्णय लेने में मदद करेगी और स्पैम को रोकेगी।”

चुनौतियां और भविष्य:
ऑपरेटर्स को डेटाबेस अपग्रेड और नेटवर्क इंटीग्रेशन में निवेश करना होगा। प्राइवेसी चिंताओं का जवाब: केवल सत्यापित डेटा, कोई थर्ड-पार्टी एक्सेस नहीं।

यह कदम भारत को डिजिटल कम्युनिकेशन में पारदर्शी बनाएगा। जल्द ही आपका फोन *‘राम कुमार’ या ‘ABC बैंक’ दिखाएगा, न कि सिर्फ +91 98xxx!

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