by-Ravindra Sikarwar
मानवाधिकारों के उल्लंघन की एक गंभीर घटना में, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित महाराजा यशवंतराव (MY) अस्पताल में नवजात शिशुओं को चूहों द्वारा काटे जाने के मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने इस घटना की जांच के लिए अस्पताल और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है और 10 दिनों के भीतर एक विस्तृत कार्यवाही रिपोर्ट (action-taken report) जमा करने का आदेश दिया है।
घटना का विवरण
यह चौंकाने वाली घटना 30 और 31 अगस्त को हुई, जब MY अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में दो नवजात बच्चियों को चूहों ने काट लिया। MY अस्पताल मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है और इस तरह की घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
घटना सामने आने के बाद, इसकी चारों तरफ से निंदा हो रही है। एक आदिवासी संगठन ने इसे “मामले को दबाने” (cover-up) का आरोप लगाते हुए कड़ी आलोचना की है।
NHRC का हस्तक्षेप और प्रतिक्रिया
NHRC ने इस मामले को गंभीरता से लिया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर नवजात शिशुओं के जीवन के अधिकार और स्वास्थ्य देखभाल के अधिकार का उल्लंघन है। आयोग ने अधिकारियों से पूछा है कि ऐसी घटना क्यों हुई और भविष्य में इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
इस घटना ने न केवल MY अस्पताल, बल्कि पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की कमियों को उजागर किया है। यह आवश्यक है कि सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई करे और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी भयावह घटनाएं दोबारा न हों। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले की पूरी सच्चाई और दोषियों के खिलाफ उठाए गए कदमों का पता चल पाएगा।
