Spread the love

By: Ravindra Sikarwar

रायगढ़ (छत्तीसगढ़): जिले के सरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले छोटे से गाँव छेवारीपाली में बुधवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक विशालकाय अजगर ने खुले में शौच करने गए युवक पर अचानक हमला बोल दिया। ग्रामीणों की चीख-पुकार और कोशिशों के बावजूद युवक को बचाया नहीं जा सका और दम घुटने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

मृतक की पहचान 28 वर्षीय भुवनेश्वर सिदार के रूप में हुई है। भुवनेश्वर गाँव के ज्यादातर घरों की तरह शौचालय से वंचित था और रोजाना की तरह बुधवार सुबह करीब 6 बजे वह गाँव से सटे तालाब के पास झाड़ियों में चला गया था। ग्रामीणों के अनुसार उस दिन सुबह घना कोहरा था और ठंड भी खूब थी। तालाब के आसपास पानी घटने की वजह से घास-झाड़ बहुत ऊँची हो गई थी, जिसके बीच एक लगभग 14-15 फीट लंबा मोटा अजगर पहले से ही शिकार की ताक में बैठा था।

जैसे ही भुवनेश्वर शौच के लिए बैठा, अजगर ने बिजली की तेजी से उस पर झपट्टा मार दिया। पहले तो उसने युवक की कमर के नीचे के हिस्से को अपनी मजबूत कुंडली में जकड़ लिया और फिर तेजी से पूरे शरीर को लपेटना शुरू कर दिया। भुवनेश्वर ने जान बचाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू किया। उसकी चीख सुनकर पास में ही खेत में काम कर रहे कुछ ग्रामीण और घर के लोग दौड़ते हुए आए।

ग्रामीणों ने बताया कि जब वे मौके पर पहुँचे तब तक अजगर ने भुवनेश्वर को लगभग पूरी तरह लपेट रखा था। युवक का चेहरा बैंगनी पड़ चुका था और उसकी आँखें बाहर की तरफ निकल आई थीं। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से अजगर पर वार करना शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद अजगर ने पकड़ ढीली की और पास की झाड़ियों में भाग निकला। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी – भुवनेश्वर की साँसें थम चुकी थीं। अजगर के दबाव से उसकी पसलियाँ टूट चुकी थीं और दम घुटने से मौत हो गई।

सूचना मिलते ही सरिया थाने की पुलिस और वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज भेज दिया। वहीं वन विभाग के कर्मचारी पूरे इलाके में अजगर की तलाश कर रहे हैं। प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि यह अजगर भारतीय अजगर (Indian Rock Python) था, जो संरक्षित प्रजाति में आता है और आम तौर पर इंसानों पर हमला नहीं करता, लेकिन भूख और खतरा महसूस होने पर खतरनाक हो जाता है।

घटना के बाद पूरे गाँव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से तालाब और जंगल के आसपास अजगर के दिखने की खबरें आ रही थीं, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। अब लोग रात में तो क्या, दिन में भी घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं। गाँव की महिलाएँ और बच्चे खास तौर पर सहमे हुए हैं।

स्थानीय सरपंच और ग्राम पंचायत ने प्रशासन से मांग की है कि गाँव में शौचालय निर्माण की प्रक्रिया तेज की जाए और जंगल से सटे इलाकों में नियमित गश्त लगाई जाए। साथ ही वन विभाग से अजगर को पकड़कर सुरक्षित जगह छोड़ने की अपील की गई है।

यह घटना एक बार फिर खुले में शौच की मजबूरी और जंगली इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने आने वाले खतरों को उजागर करती है। भुवनेश्वर के परिवार में माँ-बाप, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनका अब कोई सहारा नहीं बचा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *