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by-Ravindra Sikarwar

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों कोलंबिया के दौरे पर हैं। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि आज भारत के सामने सबसे बड़ा खतरा लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हो रहे हमले का है।

लोकतंत्र पर गहराता संकट:
राहुल गांधी ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है, लेकिन हाल के वर्षों में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार प्रहार हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह स्थिति जारी रही तो न केवल लोकतंत्र, बल्कि धर्मों और भाषाओं की विविधता भी खतरे में पड़ सकती है।

राजनीतिक बहस तेज:
उनके इस बयान के बाद भारतीय राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के बयान का समर्थन किया और कहा कि सरकार सच से भाग नहीं सकती। वहीं भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार विदेश में भारत की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

जनता और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया:
सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के इस बयान को लेकर तीखी बहस छिड़ी हुई है। कुछ लोग इसे लोकतंत्र की रक्षा की आवाज बता रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित बयान मान रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।

आगे की रणनीति:
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी आने वाले दिनों में भी लोकतंत्र और संविधान बचाने के मुद्दे को जोर-शोर से उठाते रहेंगे। वहीं भाजपा ने दोहराया कि भारत का लोकतंत्र मजबूत है और विपक्ष का यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है।

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