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by-Ravindra Sikarwar

ब्रिटेन के वेस्ट मिडलैंड्स क्षेत्र के वॉल्सॉल शहर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 20 वर्षीय एक युवती—जो भारतीय मूल की बताई जा रही है—पर कथित रूप से नस्लीय आधार पर प्रेरित बलात्कार किया गया। वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने इस घटना को “नस्लीय रूप से उत्तेजित अपराध” के रूप में वर्गीकृत किया है, क्योंकि हमलावर ने पीड़िता की जातीय पहचान को निशाना बनाया। यह घटना शनिवार शाम, 25 अक्टूबर 2025 को पार्क हॉल इलाके में हुई, जब स्थानीय निवासियों ने एक व्यथित अवस्था में सड़क पर बैठी महिला को देखा। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज जारी कर जनता से सहयोग की अपील की है। यह मामला ब्रिटेन में बढ़ते नस्लवाद और महिलाओं के खिलाफ अपराधों की चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर कर रहा है, खासकर पिछले महीने हुई एक समान घटना के बाद।

घटना का विस्तृत विवरण: कैसे हुई यह अमानवीय वारदात?
शनिवार शाम करीब 7 बजे, पार्क हॉल के एक शांतिपूर्ण आवासीय इलाके में एक युवती घर पर अकेली थी। स्थानीय समुदाय समूहों के अनुसार, आरोपी ने उसके घर का दरवाजा तोड़ दिया और जबरन अंदर घुस गया। पीड़िता को उसकी नस्लीय पृष्ठभूमि—जो पंजाबी विरासत वाली भारतीय मूल की है—के कारण निशाना बनाया गया। हमलावर ने उसके साथ यौन शोषण किया और शारीरिक हमला भी बोला। घटना के बाद, पीड़िता घबराहट में सड़क पर भाग आई, जहां राहगीरों ने उसे देखा। एक स्थानीय निवासी ने तुरंत 999 नंबर पर कॉल की, जिसके बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची।

पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि पीड़िता को आरोपी से कोई पूर्व परिचय नहीं था, जो इस अपराध को और भी भयावह बनाता है। पीड़िता को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की गई और विशेषज्ञ अधिकारी उसके मनोवैज्ञानिक समर्थन के लिए तैनात किए गए हैं। वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस के अनुसार, यह अपराध नस्लीय घृणा से प्रेरित था, क्योंकि आरोपी ने पीड़िता की भारतीय पहचान पर टिप्पणियां कीं। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह घटना पिछले महीने ओल्डबरी में हुई एक ब्रिटिश सिख महिला पर समान हमले से जुड़ी नहीं है, लेकिन दोनों मामलों में नस्लवाद की भूमिका समान है।

आरोपी का विवरण और पुलिस की अपील: सीसीटीवी से मिली क्लू
आरोपी को एक गोरे (श्वेत) पुरुष के रूप में वर्णित किया गया है, जिसकी उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच है। उसके बाल छोटे हैं, और घटना के समय वह गहरे रंग के कपड़ों—काली जैकेट और पैंट—में था। पुलिस ने पार्क हॉल क्षेत्र के आसपास के सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त फुटेज जारी किया है, जिसमें आरोपी को स्पष्ट रूप से दिखाया गया है। फुटेज में वह रात के अंधेरे में सड़क पर तेज कदमों से चलता नजर आ रहा है, और उसके चेहरे की विशेषताएं पहचान योग्य हैं। डिटेक्टिव सुपरिंटेंडेंट रोनन टायरर, जो जांच का नेतृत्व कर रहे हैं, ने कहा, “यह एक बेहद घृणित अपराध है, जो एक युवती के जीवन को हमेशा के लिए बदल सकता है। हम रात-दिन काम कर रहे हैं ताकि दोषी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके। अगर किसी ने संदिग्ध व्यक्ति को देखा हो या डैशकैम/सीसीटीवी फुटेज हो, तो तुरंत संपर्क करें।”

पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर 101 जारी किया है और अपराध रोकथाम चैनल के माध्यम से जनता से सूचना मांगी है। चीफ सुपरिंटेंडेंट फिल डोल्बी ने बताया कि वॉल्सॉल एक विविधतापूर्ण क्षेत्र है, और इस घटना से समुदाय में भय का माहौल है। इसलिए, इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और स्थानीय निवासियों से सहयोग की अपेक्षा की जा रही है।

राजनीतिक और सामुदायिक प्रतिक्रियाएं: नस्लवाद के खिलाफ एकजुटता
यह घटना ब्रिटेन की राजनीतिक हस्तियों के बीच आक्रोश का विषय बन गई है। लेबर पार्टी की सांसद प्रीत कौर गिल ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “वॉल्सॉल में एक और नस्लीय उत्तेजित बलात्कार की खबर सुनकर गहरा सदमा और दुख हुआ। यह अस्वीकार्य है।” कोवेंट्री साउथ की सांसद जराह सुल्ताना ने लिखा, “शनिवार को वॉल्सॉल में एक पंजाबी मूल की महिला पर नस्लवादी हमला हुआ। पिछले महीने ओल्डबरी में एक सिख महिला के साथ ऐसा ही हुआ। सरकार को नफरत अपराधों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।” सिख फेडरेशन यूके ने बयान जारी कर पुष्टि की कि पीड़िता पंजाबी है और आरोपी ने उसके घर का दरवाजा तोड़ दिया। संगठन ने चेतावनी दी कि पिछले दो महीनों में क्षेत्र में दो ऐसे मामले हुए हैं, जिससे दक्षिण एशियाई समुदाय में डर का वातावरण है।

स्थानीय समुदाय समूहों ने शोक व्यक्त किया और पीड़िता के परिवार के प्रति एकजुटता दिखाई। ब्रिटेन में भारतीय डायस्पोरा ने इसे नस्लवाद की बढ़ती समस्या का प्रतीक बताया, खासकर ब्रेक्सिट के बाद से एशियाई मूल के लोगों पर हमलों में वृद्धि के संदर्भ में। एक रिपोर्ट के अनुसार, वेस्ट मिडलैंड्स में नस्लवाद आधारित अपराध पिछले वर्ष 15% बढ़े हैं।

कानूनी प्रक्रिया और ब्रिटिश कानून के तहत नस्लीय अपराध:
ब्रिटेन में नस्लीय उत्तेजित अपराधों को सार्वजनिक व्यवस्था अधिनियम 1986 के तहत गंभीरता से लिया जाता है। इस मामले में बलात्कार को नस्लीय घृणा से जोड़ने से सजा में वृद्धि हो सकती है—न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक। पुलिस ने मामला राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (एनसीए) के साथ साझा किया है, ताकि आरोपी की तलाश में डिजिटल ट्रैकिंग और फोरेंसिक जांच तेज की जा सके। पीड़िता को विशेष काउंसलर और कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है।

पिछले महीने ओल्डबरी में हुई घटना में एक 20 वर्षीय सिख महिला पर समान हमला हुआ था, जिसमें एक 30 वर्षीय पुरुष को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने दोनों मामलों को अलग रखा है, लेकिन समानताओं से जांच एजेंसियां सतर्क हैं।

प्रभाव और सुझाव: समुदाय की सुरक्षा के लिए कदम
यह घटना ब्रिटेन में भारतीय समुदाय के लिए एक झटका है, जहां लाखों भारतीय मूल के लोग रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नस्लवाद और यौन हिंसा का संयोजन महिलाओं को दोगुना खतरे में डालता है। वॉल्सॉल जैसे विविध क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।

ऐसी स्थिति में क्या करें?

  • तत्काल सहायता: ब्रिटेन में 999 पर कॉल करें या रेप क्राइसिस हेल्पलाइन 0808 802 9999 पर संपर्क करें।
  • समुदाय समर्थन: स्थानीय एनजीओ जैसे साउथ एशियन हेल्पलाइन से जुड़ें।
  • जागरूकता: महिलाओं को सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग लें और संदिग्ध गतिविधियों पर सतर्क रहें।
  • कानूनी सहारा: पीड़ितों के लिए फ्री लीगल एड उपलब्ध है; इंडियन हाई कमीशन से भी मदद लें।

पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द पकड़ा जाएगा, लेकिन यह घटना समाज को नस्लवाद के खिलाफ एकजुट होने का संदेश देती है। पीड़िता के साहस और न्याय की कामना के साथ, उम्मीद है कि ब्रिटेन की कानून व्यवस्था ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाएगी।

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