By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर के सबसे हाई-प्रोफाइल इलाके सिटी सेंटर में रविवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस ने दो लग्जरी स्पा सेंटर्स पर एक साथ दबिश दी। ये स्पा सेंटर बाहर से मसाज, आयुर्वेदिक थेरेपी और रिलैक्सेशन का बोर्ड लगाकर चल रहे थे, लेकिन अंदर चल रहा था सुनियोजित देह व्यापार। पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि ‘ब्लैक पर्ल स्पा’ और ‘एसएस आयुर्वेदा मसाज एंड स्पा सेंटर’ में ग्राहकों को अतिरिक्त सेवाएं दी जा रही हैं। सूचना की तस्दीक के लिए पहले एक दारोगा सादे लिबास में ग्राहक बनकर अंदर गया। उसने जो देखा और सुना, उसने पुलिस महकमे को तुरंत बड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। शाम करीब सात बजे महिला थाना प्रभारी, क्राइम ब्रांच और सिटी सेंटर थाना की संयुक्त टीम ने दोनों स्पा पर एक साथ छापा मार दिया। अंदर का नजारा देखकर खुद पुलिसकर्मी हैरान रह गए। अलग-अलग कमरों में सात युवतियां और चार युवक पूरी तरह आपत्तिजनक स्थिति में मिले।
ब्लैक पर्ल स्पा में तीन लड़कियां और दो लड़के दो अलग-अलग कमरों में बंद थे। कमरों में मसाज टेबल के अलावा बेड, कंडोम के ढेर, लुब्रिकेंट जैल, आपत्तिजनक दवाइयां और शराब की बोतलें बरामद हुईं। इसी तरह एसएस आयुर्वेदा स्पा में चार युवतियां और दो युवक पकड़े गए। दोनों स्पा के मैनेजर – एक पुरुष और एक महिला – को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़ी गई युवतियां दिल्ली, उत्तर प्रदेश के बांदा, ललितपुर और मध्य प्रदेश के टीकमगरh, मुरैना व ग्वालियर की बताई जा रही हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इनमें से ज्यादातर लड़कियां गरीबी और बेरोजगारी की वजह से एजेंटों के झांसे में आई थीं। उन्हें मोटी सैलरी और अच्छी नौकरी का लालच दिया गया था, लेकिन यहां लाकर देह व्यापार में धकेल दिया गया। एक लड़की ने बताया कि दिन में जितने ग्राहक होते थे, उसी हिसाब से 1000 से 1500 रुपए रोज मिलते थे। सामान्य सर्विस के 2000 से 3000 और खास सर्विस के 5000 तक वसूले जाते थे। स्पा के मालिक और मैनेजर बाकायदा रेट लिस्ट रखते थे और ग्राहकों को फोटो भेजकर डील फाइनल करते थे।
पुलिस ने दोनों स्पा से नकदी, कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, ग्राहकों की लिस्ट वाली डायरी और भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। दोनों केंद्रों को ताला लगा दिया गया है और मालिकों की तलाश की जा रही है। मामला अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम (PITA) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि ये कोई अकेला मामला नहीं है। ग्वालियर में पिछले दो-तीन सालों में स्पा और मसाज पार्लर की बाढ़ सी आ गई है। ज्यादातर बाहरी राज्यों के लोग इन्हें किराए पर लेकर चलाते हैं और नाम रखते हैं आयुर्वेद, थाई स्पा, बाली स्पा जैसे आकर्षक शब्दों वाले। बाहर से लगता है सब वैध है, लेकिन अंदर चल रहा होता है अवैध धंधा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अब शहर के सभी स्पा सेंटर्स की लगातार चेकिंग होगी और बिना वैध लाइसेंस वाले सील कर दिए जाएंगे। साथ ही ग्राहक बनकर लगातार डिकॉय ऑपरेशन चलाए जाएंगे।
यह कार्रवाई शहर के उन लोगों के लिए भी झटका है जो इन स्पा को सिर्फ रिलैक्सेशन का साधन मानते थे। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर असली आयुर्वेदिक और वैध स्पा की पहचान कैसे होगी? सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि स्पा खोलने के लिए सख्त लाइसेंसिंग और हर तीन महीने में पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाए। पकड़ी गई युवतियों को फिलहाल महिला थाने में रखा गया है और काउंसलिंग की जा रही है। कुछ को उनके परिवार से संपर्क कर सौंपने की तैयारी है, जबकि जिनके खिलाफ ठोस सबूत हैं, उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। ग्वालियर पुलिस ने इस कार्रवाई को बड़ा झटका बताते हुए कहा है कि शहर को इस तरह के अवैध धंधों से पूरी तरह मुक्त करने का अभियान जारी रहेगा।
