by-Ravindra Sikarwar
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से एक ऐतिहासिक पहल के तहत चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन नई ट्रेनों की शुरुआत से देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रियों को तेज़, आरामदायक और आधुनिक रेल यात्रा का नया अनुभव मिलेगा।
चार नई वंदे भारत ट्रेनों के रूट:
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जिन चार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को आज शुभारंभ किया गया, वे निम्नलिखित मार्गों पर संचालित होंगी —
- वाराणसी – नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस (अपग्रेडेड वर्जन)
- वाराणसी – लखनऊ – देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस
- वाराणसी – पटना – हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस
- वाराणसी – गोरखपुर – अयोध्या – लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस
इन चारों ट्रेनों के संचालन से पूर्वी, मध्य और उत्तरी भारत के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय घटेगा और कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा।
आधुनिक तकनीक से लैस ट्रेनें:
नवीनतम वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को अत्याधुनिक तकनीक से बनाया गया है। इनमें बेहतर सस्पेंशन सिस्टम, उन्नत सुरक्षा फीचर, स्वचालित दरवाजे, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली और वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध है। नई ट्रेनें पहले की तुलना में अधिक ऊर्जा कुशल हैं और यात्रियों को शोर रहित और झटके रहित यात्रा का अनुभव प्रदान करती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन:
रवाना करने के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“आज वाराणसी से शुरू हो रही चार नई वंदे भारत ट्रेनें न केवल रेल यात्रा को तेज़ बनाएंगी, बल्कि ‘विकसित भारत’ के संकल्प को भी और गति देंगी। वंदे भारत अब ‘आत्मनिर्भर भारत’ की पहचान बन चुकी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में भारत के हर राज्य को वंदे भारत एक्सप्रेस से जोड़ा जाए।
रेलवे मंत्रालय की प्रतिक्रिया:
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन ट्रेनों की शुरुआत से क्षेत्रीय पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नई ट्रेनों में ‘कवच’ प्रणाली भी लगाई गई है, जो ट्रेन टकराव की संभावना को लगभग समाप्त कर देती है।
स्थानीय जनता में उत्साह:
वाराणसी स्टेशन पर इन ट्रेनों के शुभारंभ को लेकर भारी उत्साह देखने को मिला। स्थानीय लोगों और यात्रियों ने स्टेशन पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। कई यात्रियों ने कहा कि यह कदम पूर्वी भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा।
संक्षेप में:
चार नई वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत से भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के “विकसित भारत 2047” विज़न को साकार करने की दिशा में अहम साबित होगी।
