by-Ravindra Sikarwar
5 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में एक ऐसी मुलाकात हुई, जो न केवल भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक विश्व कप जीत का जश्न मनाने का अवसर बनी, बल्कि हास्य, प्रेरणा और आध्यात्मिक विश्वास की मिश्रित कहानी भी बन गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आधिकारिक निवास पर आईसीसी महिला वनडे विश्व कप-2025 की विजेता भारतीय टीम का स्वागत किया। इस दौरान ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के बाएं हाथ पर बने भगवान हनुमान के टैटू ने सभी का ध्यान खींच लिया। मुस्कुराते हुए पीएम मोदी ने दीप्ति से पूछा, “आपके पास हनुमान जी का टैटू है – यह आपको कैसे मदद करता है?” दीप्ति का भावुक और प्रेरणादायक जवाब सुनकर कमरे में मौजूद सभी खिलाड़ी हंस पड़े, और यह पल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह बातचीत न केवल टीम की एकजुटता को दर्शाती है, बल्कि खेल में आस्था की भूमिका को भी उजागर करती है। आइए इस मीटिंग की पूरी कहानी, प्रमुख क्षणों, दीप्ति की उपलब्धियों और इसके व्यापक संदेश पर विस्तार से नजर डालें।
मीटिंग की पृष्ठभूमि: विश्व कप विजेता टीम का ऐतिहासिक स्वागत
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 2 नवंबर 2025 को डीवाई पाटिल स्टेडियम, नवी मुंबई में खेले गए फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को 52 रनों से हराकर पहली बार आईसीसी महिला वनडे विश्व कप का खिताब जीता। यह जीत लीग चरण में तीन लगातार हार के बाद की शानदार वापसी का प्रतीक थी, जब टीम को सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था। कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में टीम ने नौ मैचों में सात जीत हासिल की, और यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट इतिहास में स्वर्णिम अध्याय बन गई।
पीएम मोदी ने विजेता टीम को बधाई देने के लिए विशेष रूप से समय निकाला। खिलाड़ियां अपनी विजेता मेडल्स गले में पहने और स्मार्ट फॉर्मल ड्रेस में सजी हुईं, पीएम के निवास पहुंचीं। मीटिंग में स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर, जेमिमाह रॉड्रिग्स, हर्लीन देओल समेत सभी प्रमुख सदस्य मौजूद थीं। पीएम ने टीम की “असाधारण लचीलापन और कमबैक” की सराहना की, और कहा कि यह जीत “सामूहिक टीम प्रयास” का परिणाम है। बातचीत के दौरान हल्के-फुल्के क्षणों ने माहौल को और जीवंत बना दिया, जैसे हर्लीन देओल का पीएम से उनकी स्किनकेयर रूटीन के बारे में पूछना, जिसने पूरे कमरे को हंसने पर मजबूर कर दिया।
टैटू पर सवाल: आस्था और खेल का अनोखा मेल
मीटिंग का सबसे यादगार पल तब आया, जब पीएम मोदी ने दीप्ति शर्मा की ओर इशारा करते हुए कहा, “आपके हाथ पर हनुमान जी का टैटू है, और इंस्टाग्राम बायो में ‘जय श्री राम’ लिखा है। यह आपको मैदान पर कैसे ताकत देता है?” यह सवाल इतना सहज और व्यक्तिगत था कि सभी खिलाड़ियां मुस्कुरा उठीं। दीप्ति ने शर्माते हुए लेकिन आत्मविश्वास से जवाब दिया, “सर, इसका मतलब है कि मैं खुद से ज्यादा हनुमान जी पर विश्वास रखती हूं। जब मैदान पर दबाव होता है या मुश्किलें आती हैं, तो मैं उनका नाम लेती हूं। इससे मुझे लगता है कि मैं उनसे निकल सकती हूं। यह मेरी खेल में सुधार के लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत मदद करता है।”
दीप्ति ने आगे बताया कि यह टैटू उनके लिए प्रतीक है – भगवान हनुमान की भक्ति और शक्ति का। “मुझे खुद पर जितना भरोसा नहीं, उतना उन पर है। यह विश्वास मुझे मानसिक मजबूती देता है,” उन्होंने कहा। पीएम मोदी ने सहमति जताते हुए कहा, “भगवान पर विश्वास चिंताओं को दूर करता है।” यह क्षण न केवल हास्यपूर्ण था, बल्कि आध्यात्मिक गहराई भी लिए हुए था, जो दिखाता है कि कैसे खिलाड़ी खेल के अलावा अपनी आस्था से प्रेरणा लेते हैं। वीडियो जल्द ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां लाखों यूजर्स ने इसे “हृदयस्पर्शी” बताया।
दीप्ति शर्मा की प्रेरणादायक यात्रा: 2017 से 2025 तक का सफर
दीप्ति शर्मा, 28 वर्षीय उत्तराखंड की इस ऑलराउंडर ने इस विश्व कप में ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब जीता। उन्होंने नौ मैचों में 215 रन बनाए (तीन अर्धशतक सहित) और 22 विकेट लिए, जो टूर्नामेंट में सबसे अधिक थे। फाइनल में उन्होंने 5 विकेट झटके और अर्धशतकीय पारी खेली, जो भारत की जीत का आधार बनी। लेकिन उनकी सफलता का श्रेय उन्होंने पीएम मोदी को भी दिया।
मीटिंग में दीप्ति ने 2017 की एक पुरानी मुलाकात का जिक्र किया, जब पीएम ने टीम से कहा था, “एक खिलाड़ी को असफलताओं से उबरना आना चाहिए। कड़ी मेहनत करते रहो, सपने पूरे होंगे।” दीप्ति ने कहा, “सर, आपकी यह सलाह मुझे हमेशा प्रेरित करती रही। मैं अक्सर आपके भाषण सुनती हूं। आप इतने शांत रहते हैं, जो मुझे बहुत मदद करता है।” यह बातचीत दिखाती है कि कैसे नेतृत्व की सलाह युवा खिलाड़ियों के करियर को आकार दे सकती है। दीप्ति ने इंग्लैंड दौरे (2022) का भी जिक्र किया, जहां ‘टीम इंडिया’ गाना गाने पर उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी – एक हल्का-फुल्का किस्सा जो मीटिंग को और मजेदार बना दिया।
अन्य मजेदार क्षण: कप्तान हरमनप्रीत का सवाल और टीम की एकजुटता
मीटिंग में अन्य खिलाड़ियों ने भी पीएम से दिल खोलकर बात की। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पूछा, “सर, आप हमेशा वर्तमान में कैसे रहते हैं?” पीएम ने जवाब दिया, “यह मेरी जिंदगी का हिस्सा है, अब आदत बन गया है।” उन्होंने फाइनल की आखिरी गेंद का जिक्र किया, जो हरमनप्रीत ने जेब में रख ली थी। हरमनप्रीत ने हंसते हुए कहा, “भाग्यशाली थी कि गेंद मेरी ओर आई।”
जेमिमाह रॉड्रिग्स ने जीत को “टीम प्रयास” बताया, जबकि स्मृति मंधाना ने पीएम की शुभकामनाओं का आभार माना। हर्लीन देओल का स्किनकेयर रूटीन वाला सवाल तो कमरे में ठहाके गूंजा – पीएम ने हंसते हुए कहा, “मैं तो सादगी पसंद हूं।” ये क्षण टीम की सहजता और पीएम की सुलभता को दर्शाते हैं।
व्यापक संदेश: खेल, आस्था और प्रेरणा का संगम
यह मीटिंग भारतीय खेल संस्कृति का आईना है। दीप्ति का टैटू न केवल व्यक्तिगत विश्वास का प्रतीक है, बल्कि दिखाता है कि कैसे आध्यात्मिक शक्ति एथलीट्स को मानसिक दृढ़ता देती है। विश्व कप की जीत के बाद यह बातचीत युवाओं को संदेश देती है – कड़ी मेहनत, विश्वास और सकारात्मक सोच से कोई सपना असंभव नहीं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने दीप्ति को नकद पुरस्कार की घोषणा की, जो उनकी प्रेरणा को और मजबूत करेगी।
एक यादगार मुलाकात जो दिल जीत ले:
पीएम मोदी और दीप्ति शर्मा की यह बातचीत साबित करती है कि खेल मैदान से बाहर भी प्रेरणा के बीज बोए जा सकते हैं। हनुमान जी का टैटू दीप्ति के लिए ताकत का स्रोत है, तो पीएम की सलाह उनके लिए मार्गदर्शक। यह पल न केवल विश्व कप की चमक बढ़ाता है, बल्कि दिखाता है कि कैसे आस्था और नेतृत्व मिलकर चमत्कार रचते हैं। यदि आप भी खेल में आस्था की ताकत महसूस करते हैं, तो दीप्ति की तरह इसे अपनाएं – क्योंकि विश्वास ही असली जीत है।
