Prayagraj newsPrayagraj news
Spread the love

By: Ravindra Sikarwar

Pryagraj news: प्रयागराज के पावन त्रिवेणी संगम पर माघ मेला पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ जारी है। 10 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस धार्मिक आयोजन में भाग लेते हुए मां गंगा में डुबकी लगाकर अपनी आस्था व्यक्त की।

Pryagraj news: संगम स्नान और विशेष अनुष्ठान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संगम में तीन बार पवित्र स्नान किया। इसके दौरान उन्होंने आस्था की गहरी डुबकी लगाई और गंगा की महिमा का स्मरण किया। संगम नोज के निकट उन्होंने जगद्गुरु महामंडलेश्वर सतुआ बाबा के साथ नाव पर सैर भी की।

इस अवसर पर अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने भी स्नान किया:

  • मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पांच डुबकियां लगाईं।
  • विधायक नंद गोपाल नंदी ने सात बार संगम में स्नान किया।

स्नान के बाद मुख्यमंत्री ने संगम तट पर गंगा पूजन किया और श्री लेटे हनुमान जी मंदिर में दर्शन-पूजन किया।

Pryagraj news: साधु-संतों के साथ समय और भोजन

संगम स्नान के पश्चात योगी आदित्यनाथ सतुआ बाबा के शिविर पहुंचे। यहां उन्होंने साधु-संतों के साथ भोजन ग्रहण किया और उनसे आशीर्वाद लिया। यह मुलाकात धार्मिक परंपराओं और संत-समाज के प्रति सम्मान का प्रतीक रही।

मेला तैयारियों की समीक्षा बैठक

दिन के कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री आईसीसीसी सभागार में माघ मेले की समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में आगामी प्रमुख स्नान पर्वों जैसे मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

कड़ाके की ठंड के बावजूद माघ मेला में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रोजाना औसतन 10 लाख से अधिक लोग संगम में पवित्र स्नान कर रहे हैं। संगम की रेत पर साधु-संतों, विभिन्न अखाड़ों और कल्पवासियों के डेरे जमे हुए हैं, जो इस आयोजन की जीवंतता को दर्शाते हैं।

वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति का प्रसार

माघ मेला अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा। बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु भी यहां पहुंचकर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का अनुभव कर रहे हैं। यह मेला धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ भारतीय परंपराओं के वैश्विक प्रसार का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है।

माघ मेला 2026 (3 जनवरी से 15 फरवरी तक) को महाकुंभ की तर्ज पर दिव्य और भव्य बनाने के लिए योगी सरकार के प्रयास जारी हैं, जिससे करोड़ों श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के आस्था की डुबकी लगा सकें। हर-हर गंगे!

यह भी पढ़े: अयोध्या राम मंदिर की सुरक्षा मजबूत; नया हाई-टेक कंट्रोल रूम तैयार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *