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By: Ravindra Sikarwar

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में निशातपुरा थाना क्षेत्र के ईरानी डेरे इलाके में रविवार सुबह उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब एक कुख्यात अपराधी की तलाश में पहुंची पुलिस टीम पर स्थानीय निवासियों ने विरोध जताया। विरोध इतना उग्र हो गया कि धक्कामुक्की के साथ-साथ पत्थर फेंके जाने की घटना भी सामने आई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद 24 पुरुषों और 10 महिलाओं सहित कुल 34 लोगों को हिरासत में लिया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ईरानी डेरे के कुछ निवासियों के खिलाफ शहर और आसपास के क्षेत्रों में चोरी, ठगी और स्नैचिंग जैसी आपराधिक गतिविधियों की लगातार शिकायतें आ रही थीं। इनमें से कई लोग फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को ठगने का काम करते थे। इसी क्रम में पुलिस एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी राजू की गिरफ्तारी के लिए उसके ठिकाने पर पहुंची थी। तलाशी अभियान शुरू होते ही कुछ महिलाओं ने पहले रास्ता रोकने की कोशिश की और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते पुरुष भी जुट गए और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।

जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इससे हालात बिगड़ने लगे। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया और उपद्रवियों को तितर-बितर किया। इस दौरान किसी पुलिसकर्मी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शांति बनाए रखने के निर्देश दिए।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस प्रक्रिया में एक नकली पिस्तौल बरामद हुई, जिसका इस्तेमाल आरोपी लोग लोगों को धमकाने और डराने में करते थे। इसके अलावा 21 दोपहिया वाहन और 51 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। ये वाहन और फोन ज्यादातर चोरी या स्नैचिंग की वारदातों से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इलाके के कुछ युवक संगठित तरीके से अपराध कर रहे थे, जिसमें फर्जी पुलिस बनकर ठगी करना प्रमुख था।

हिरासत में लिए गए सभी 34 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बलवा करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

ईरानी डेरा भोपाल का एक पुराना इलाका है, जहां मुख्य रूप से ईरानी मूल के लोग रहते हैं। यहां पहले भी पुलिस कार्रवाई के दौरान विरोध और टकराव की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन इस बार की कार्रवाई को पुलिस ने अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम बताया है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे अभियान से इलाके में अपराधियों का मनोबल टूटेगा और आम नागरिकों को राहत मिलेगी।

फिलहाल इलाके में शांति है और पुलिस की निगरानी बनी हुई है। स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी गलत गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। यह घटना एक बार फिर शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौतियों को उजागर करती है, जहां पुलिस लगातार सक्रिय होकर अपराध पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है।

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