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By: Ravindra Sikarwar

मध्यप्रदेश में गुरुवार से पर्यटन को नई उड़ान देने वाली बड़ी पहल की शुरुआत हुई, जब राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर पीएमश्री हेली टूरिज़्म सेवा को लॉन्च कर दिया। इस सेवा के साथ अब प्रदेश के प्रमुख टाइगर रिज़र्व—कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व (STR)—साथ ही ईको-टूरिज़्म और आध्यात्मिक क्षेत्रों तक हेलिकॉप्टर के माध्यम से आसानी से पहुंचा जा सकेगा। पर्यटकों को नैसर्गिक सौंदर्य, वन्यजीवों की दुनिया और धार्मिक स्थलों तक तेज, सुगम और सुरक्षित यात्रा का नया विकल्प मिल गया है। गुरुवार को पहले दिन इस सेवा का ट्रायल उड़ान कार्यक्रम किया गया जिसमें राज्य के जनप्रतिनिधियों ने भोपाल से पचमढ़ी के लिए हेलिकॉप्टर यात्रा की। शुक्रवार से यह सेवा आम लोगों के लिए शुरू कर दी जाएगी, और सप्ताह में पांच दिन इन हेली-रूट्स पर उड़ान उपलब्ध रहेगी।

यह योजना लंबे समय से तैयारियों में थी और राज्य सरकार का मकसद है कि जंगल सफारी, ईको-टूरिज़्म और धार्मिक यात्रा को आधुनिक तकनीक और बेहतर परिवहन से जोड़कर पर्यटन को गति दी जाए। कान्हा और बांधवगढ़ जैसे टाइगर रिज़र्व दुनियाभर के प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के प्रिय स्थल हैं, लेकिन अक्सर दूरी और यात्रा के दौरान लगने वाले समय के कारण पर्यटक सीमित पड़ जाते थे। अब हेली सेवाओं के माध्यम से इन स्थलों तक पहुंचना न केवल तेज हो जाएगा बल्कि कठिन रास्तों और लंबी सड़क यात्रा की परेशानी भी कम होगी। पर्यटक कुछ ही समय में जंगलों की गहराइयों में बसे इन आकर्षक स्थानों तक पहुंच सकेंगे, जहां पहले कई घंटे या पूरा दिन लग जाता था।

पहले दिन की ट्रायल उड़ान भोपाल से शुरू होकर पचमढ़ी तक गई, जिससे यह भी साबित हुआ कि सेवा पहाड़ी और वन क्षेत्र वाले इलाकों में सुचारू रूप से चलने के लिए सक्षम है। अधिकारियों के अनुसार, हेली टूरिज़्म की रूट प्लानिंग इस प्रकार की गई है कि पर्यटक एक दिन की ट्रिप से लेकर मल्टी-डेस्टिनेशन पैकेज का भी लाभ उठा सकें। साथ ही पर्यटकों को वन्यजीव, प्रकृति, नदी-घाटी, घने जंगल और पहाड़ों के अनोखे हवाई नज़ारे भी देखने का मौका मिलेगा, जो अब तक सड़क मार्ग से संभव नहीं थे।

इसके अलावा ईको-टूरिज़्म सेक्टर को भी इस सेवा से बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व, जहां घने जंगल, झीलें और पहाड़ी क्षेत्र प्रकृति का अनोखा मेल प्रस्तुत करते हैं, हेली सेवा के कारण और भी ज्यादा सुलभ हो जाएगा। वहीं आध्यात्मिक सेक्टर में राज्य के कई मंदिरों और धार्मिक स्थानों तक हेलिकॉप्टर सेवा के माध्यम से यात्रियों की पहुंच आसान हो जाएगी। खासकर बुजुर्गों और लंबी यात्रा से परेशान लोगों के लिए यह सेवा बेहद राहत देने वाली होगी।

सरकार का मानना है कि हेली टूरिज़्म से न केवल पर्यटन बूम आएगा बल्कि स्थानीय रोजगार और व्यवसायों को भी नया अवसर मिलेगा। होटल, रिसॉर्ट्स, ट्रैवल एजेंसियां, गाइड और स्थानीय हस्तशिल्प कारोबार भी इस परिवर्तन से लाभान्वित होंगे। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।

शुक्रवार से नियमित उड़ानें शुरू होंगी और सप्ताह में पांच दिन यह हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध रहेगी। टिकट बुकिंग और समय-सारिणी के बारे में विस्तृत जानकारी राज्य पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध कराई जाएगी।

पीएमश्री हेली टूरिज़्म की यह शुरुआत मध्यप्रदेश पर्यटन के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकती है, जो न सिर्फ स्थानीय यात्रा को आसान बनाएगी बल्कि प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ‘प्रीमियम टूरिज़्म डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

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