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by-Ravindra Sikarwar

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 26 सितंबर 2025 को घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 सितंबर को भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के स्वदेशी 4G तकनीकी ढांचे का उद्घाटन करेंगे। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल खाई को पाटने और दूरसंचार क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। यह परियोजना भारत के डिजिटल इंडिया मिशन और स्वदेशी तकनीक के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बीएसएनएल 4G नेटवर्क का महत्व:
बीएसएनएल, एक सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी, लंबे समय से भारत के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में किफायती संचार सेवाएं प्रदान कर रही है। हालांकि, निजी टेलीकॉम कंपनियों की तुलना में बीएसएनएल की 4G सेवाएं शुरू करने में देरी हुई थी। अब, स्वदेशी रूप से विकसित 4G तकनीकी ढांचे के साथ, बीएसएनएल न केवल अपनी सेवाओं को आधुनिक बनाएगा, बल्कि निजी ऑपरेटरों के साथ प्रतिस्पर्धा में भी मजबूती से खड़ा होगा। इस 4G नेटवर्क का लक्ष्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में उच्च गति की इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करना है, जहां निजी कंपनियां अक्सर निवेश करने से हिचकिचाती हैं।

स्वदेशी तकनीक पर जोर:
बीएसएनएल का यह 4G नेटवर्क पूरी तरह से भारत में विकसित तकनीक पर आधारित है, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान का एक प्रमुख उदाहरण है। इस परियोजना में केंद्र सरकार के नेतृत्व में टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज), सी-डॉट (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स), और अन्य भारतीय कंपनियों ने मिलकर स्वदेशी 4G तकनीक विकसित की है। यह तकनीक न केवल लागत प्रभावी है, बल्कि इसे भविष्य में 5G और उससे आगे की तकनीकों के लिए भी अपग्रेड किया जा सकता है।

संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क भारत की तकनीकी क्षमता का प्रतीक है। यह ग्रामीण भारत को डिजिटल दुनिया से जोड़ेगा और आत्मनिर्भरता के हमारे संकल्प को मजबूत करेगा।”

डिजिटल खाई को पाटने की दिशा में कदम:
भारत में शहरी क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट की उपलब्धता बढ़ी है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र अभी भी कनेक्टिविटी के मामले में पीछे हैं। बीएसएनएल का यह 4G नेटवर्क विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर केंद्रित है जहां निजी टेलीकॉम कंपनियों की पहुंच सीमित है। यह परियोजना ग्रामीण भारत में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि, और छोटे व्यवसायों के लिए डिजिटल अवसरों को बढ़ावा देगी। इसके अलावा, यह नेटवर्क डिजिटल इंडिया पहल के तहत ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, और ई-गवर्नेंस सेवाओं को सुदूर क्षेत्रों तक ले जाएगा।

परियोजना की प्रगति और उद्घाटन:
बीएसएनएल ने पिछले कुछ वर्षों में अपने 4G नेटवर्क के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास किया है। देश भर में हजारों नए टावर स्थापित किए गए हैं, और मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड किया गया है। इस स्वदेशी 4G तकनीक का परीक्षण पंजाब, हरियाणा, और तमिलनाडु जैसे राज्यों में सफलतापूर्वक किया गया है, जहां उपयोगकर्ताओं ने बेहतर कॉल क्वालिटी और डेटा स्पीड की सराहना की है।

27 सितंबर को होने वाले उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल और फिजिकल दोनों माध्यमों से इस परियोजना का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर बीएसएनएल के वरिष्ठ अधिकारी, सी-डॉट के वैज्ञानिक, और अन्य हितधारक मौजूद रहेंगे। उद्घाटन के बाद, बीएसएनएल ग्राहकों के लिए विशेष 4G प्लान लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जो किफायती दरों पर उपलब्ध होंगे।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव:
बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क न केवल तकनीकी क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को दर्शाता है, बल्कि यह आर्थिक विकास को भी गति देगा। इस परियोजना से नौकरियों का सृजन होगा, विशेष रूप से तकनीकी और दूरसंचार क्षेत्र में। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यवसायों, स्टार्टअप्स, और ई-कॉमर्स को बढ़ावा मिलेगा।

यह नेटवर्क सामाजिक समावेशन को भी बढ़ावा देगा, क्योंकि यह उन लोगों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ेगा जो पहले इंटरनेट की पहुंच से बाहर थे। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच से ग्रामीण समुदायों का जीवन स्तर सुधरेगा।

भविष्य की योजनाएं:
बीएसएनएल ने इस 4G नेटवर्क को 5G तकनीक के लिए एक आधार के रूप में देखा है। अगले कुछ वर्षों में, बीएसएनएल स्वदेशी 5G नेटवर्क को लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिसके लिए यह तकनीकी ढांचा महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, कंपनी शहरी क्षेत्रों में भी अपनी सेवाओं को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है ताकि निजी ऑपरेटरों के साथ प्रतिस्पर्धा में वह अग्रणी बन सके।

बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क भारत के दूरसंचार क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। यह परियोजना न केवल ग्रामीण भारत को डिजिटल दुनिया से जोड़ेगी, बल्कि स्वदेशी तकनीक के विकास में भारत की बढ़ती क्षमता को भी प्रदर्शित करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 27 सितंबर 2025 को इस नेटवर्क का उद्घाटन डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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