Somnath Temple: 10 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। यह दौरा **सोमनाथ स्वाभिमान पर्व** के हिस्से के रूप में हुआ, जो 1026 में महमूद गजनवी के पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने और 1951 में मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष मनाने के लिए 8 से 11 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है। शाम को पीएम मोदी ने ओंकार मंत्र जाप में भाग लिया और करीब 3000 ड्रोन्स से सजे शानदार शो का आनंद लिया। इन दृश्यों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
Somnath Temple: मंदिर पहुंचने और पूजा-अर्चना का क्षण
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ मंदिर पहुंचते ही भक्ति भाव से दर्शन किए। उन्होंने ज्योतिर्लिंग के समक्ष पूजा-अर्चना की, वेद मंत्रों के बीच आरती उतारी और तिलक लगवाया। यह पल भक्ति और आस्था से भरा हुआ था, जहां पीएम मोदी भगवान शिव की आराधना में लीन दिखे। हजारों श्रद्धालु इस अवसर पर उपस्थित थे, जिन्होंने ‘हर-हर महादेव’ के नारे लगाए।
यहां पीएम मोदी की पूजा-अर्चना की कुछ खूबसूरत तस्वीरें देखें:


Somnath Temple:ओंकार मंत्र जाप और आध्यात्मिक माहौल
शाम लगभग 8 बजे पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में सामूहिक ओंकार मंत्र जाप में हिस्सा लिया। यह जाप 72 घंटे तक जारी रहेगा, जिसमें सैकड़ों संत और श्रद्धालु शामिल हैं। पीएम मोदी ने इसे सभ्यतागत साहस का प्रतीक बताया और कहा कि सोमनाथ भारत की अटूट आस्था का प्रतीक है। इस दौरान मंदिर परिसर दिव्य प्रकाश से जगमगा उठा।
भव्य ड्रोन शो: आस्था और तकनीक का संगम
ड्रोन शो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। करीब 3000 ड्रोन्स ने आकाश में भगवान शिव, त्रिशूल, ओम, शिवलिंग, तांडव नृत्य, सरदार पटेल, वीर हमीरजी गोहिल और मंदिर के इतिहास को जीवंत किया। लगभग 15 मिनट चले इस शो के बाद आतिशबाजी ने आसमान को रोशन कर दिया। पीएम मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ इसे देखते नजर आए। यह शो प्राचीन श्रद्धा और आधुनिक तकनीक के मेल का बेहतरीन उदाहरण था।
ड्रोन शो की ये मनोरम तस्वीरें देखकर आप भी मंत्रमुग्ध हो जाएंगे:


वायरल हो रहे दृश्य और जन-उत्साह
पीएम मोदी ने खुद एक्स पर ड्रोन शो और पूजा की तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें उन्होंने लिखा कि सोमनाथ की पावन धरा से निकला यह प्रकाश पूरे विश्व को भारत की सांस्कृतिक शक्ति का संदेश दे रहा है। सोशल मीडिया पर ये वीडियो और फोटो लाखों बार देखे जा चुके हैं। श्रद्धालुओं ने इसे ‘दिव्य’ और ‘ऐतिहासिक’ बताया, जबकि सुरक्षा के बीच भी जनसमूह की भारी भीड़ ने उत्साह दिखाया।
यह दौरा भारत की सनातन परंपरा, बलिदान और पुनरुत्थान की भावना को मजबूत करता है। पीएम मोदी 11 जनवरी को शौर्य यात्रा में भी शामिल हुए, जहां 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकाला गया।

