
जबलपुर, मध्य प्रदेश: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि अब देश में कोई भी गरीब कच्चे मकान में नहीं रहेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी पात्र परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने यह बात अंबिकापुर में आयोजित ‘मोर आवास मोर अधिकार’ कार्यक्रम में कही, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और पीएम जनमन योजना के लाभार्थियों को उनके पूर्ण हो चुके घरों की चाबियां सौंपी और नए घरों के निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 51 हजार घरों में लाभार्थियों का गृह प्रवेश भी कराया। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं (‘लखपति दीदियों’) को सम्मानित किया और अमृत सरोवर पोर्टल का शुभारंभ किया।
मुख्य बातें:
- सबको मिलेगा पक्का मकान: शिवराज सिंह चौहान ने दृढ़ संकल्प व्यक्त करते हुए कहा कि अब हर गरीब परिवार के पास अपना पक्का घर होगा।
- नया सर्वे जारी: उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए लाभार्थियों की पहचान के लिए एक नया सर्वे चल रहा है। जिन लोगों के पास अभी भी कच्चे मकान हैं, उन्हें इस सर्वे में अपना नाम दर्ज कराना चाहिए ताकि उन्हें पक्का घर मिल सके।
- डबल इंजन सरकार का वादा: चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की डबल इंजन सरकार ने वादा किया था कि सत्ता में आने पर सभी पात्र लोगों को पक्के मकान बनाकर दिए जाएंगे और सरकार ने अपना यह वादा पूरा किया है। छत्तीसगढ़ में सभी पात्र लाभार्थियों के आवास स्वीकृत कर दिए गए हैं।
- केन्द्रीय मंत्री ने सौंपे स्वीकृति पत्र: कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को 3 लाख 700 प्रधानमंत्री आवासों का स्वीकृति पत्र भी सौंपा।
- छत्तीसगढ़ में विशेष ध्यान: चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 2018 की सर्वे सूची के सभी पात्र हितग्राहियों को आवास मिलेगा।
- विकसित भारत का संकल्प: उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ के निर्माण के संकल्प को दोहराया और कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- लखपति दीदी योजना का विस्तार: शिवराज सिंह चौहान ने लखपति दीदी योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में पहले ही तीन लाख महिलाएं इस योजना के तहत लखपति बन चुकी हैं और आने वाले समय में चार लाख और महिलाओं को इस योजना से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हर महिला लखपति बने और गांव के हर गरीब को रोजगार से जोड़कर उसकी आय में वृद्धि की जाए।
खेती को बनाएंगे फायदे का धंधा:
केंद्रीय मंत्री ने कृषि क्षेत्र पर भी ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि सरकार खेती को फायदे का धंधा बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में धान की फसल 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदी जा रही है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास 16,000 से अधिक कृषि वैज्ञानिक हैं जो 29 मई से 12 जून तक गांवों का दौरा करेंगे और 15 से 20 गांवों के केंद्र पर किसानों के साथ बैठकर कृषि को लाभकारी बनाने पर चर्चा करेंगे। ये वैज्ञानिक किसानों की समस्याओं को सुनेंगे, उनके खेतों का निरीक्षण करेंगे, मिट्टी का परीक्षण करेंगे और खरीफ फसलों की तैयारी के लिए सुझाव देंगे ताकि किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सके।
मुख्यमंत्री का संबोधन:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़, विशेषकर सरगुजा संभाग के लिए सौभाग्य का दिन है कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवास देने के लिए छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर पधारे हैं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि उनकी सरकार ने 13 दिसंबर को शपथ लेने के बाद 14 दिसंबर को हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख आवासों की स्वीकृति देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था।
15 मई तक करा लें सर्वेक्षण:
मुख्यमंत्री साय ने जानकारी दी कि वर्तमान में ‘आवास प्लस-प्लस’ का सर्वे चल रहा है और उन्होंने सभी पात्र लोगों से आग्रह किया कि वे 15 मई तक इस सर्वेक्षण में अपना नाम अवश्य जुड़वा लें। उन्होंने बताया कि इस बार आवास की पात्रता के नियमों में कई महत्वपूर्ण छूट दी गई हैं। अब जिनके पास पांच एकड़ तक असिंचित जमीन या ढाई एकड़ तक सिंचित जमीन है, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये तक है और जिनके पास मोटरसाइकिल है, उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए पात्र माना गया है।
इस घोषणा और चल रहे सर्वेक्षण से उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को अपना पक्का घर मिल सकेगा और वे एक बेहतर जीवन जी सकेंगे। सरकार 15 मई तक सर्वेक्षण में नाम जुड़वाने की अपील कर रही है ताकि कोई भी पात्र परिवार इस महत्वपूर्ण योजना के लाभ से वंचित न रहे।
