By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर के गोले का मंदिर पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत नारायण विहार कॉलोनी के पास जंगली इलाके में दो दिन पहले एक अज्ञात महिला का शव बरामद होने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। शव की दयनीय स्थिति के कारण चेहरा इतना विकृत हो चुका था कि सामान्य तरीके से पहचान कर पाना असंभव था। इस चुनौतीपूर्ण मामले में ग्वालियर पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर महिला की जीवित अवस्था में संभावित चेहरे की तस्वीर तैयार कराई है।
यह तस्वीर पुलिस ने पहचान के उद्देश्य से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल की है, साथ ही शहर के व्यस्त चौराहों, मेला ग्राउंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर के रूप में लगवाई जा रही है। उम्मीद है कि इस नवीन प्रयास से महिला की शिनाख्त जल्द हो सकेगी और मामले की गुत्थी सुलझेगी।
एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल के अनुसार, शव का पोस्टमॉर्टम पूरा हो चुका है, लेकिन विस्तृत रिपोर्ट अभी लंबित है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि महिला के सिर और माथे पर गहरी चोटें हैं, जो किसी भारी वस्तु से हमले या गिरने की वजह से लगी प्रतीत होती हैं। इन निशानों से हत्या की आशंका प्रबल हो रही है। पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और गुमशुदगी के मामलों से मिलान कर रही है।
मामले में एक महत्वपूर्ण सुराग महिला के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में गुदा ‘पप्पू’ नाम है। यह टैटू किसी प्रियजन, पति या प्रेमी का नाम हो सकता है, जो जांच में निर्णायक साबित हो सकता है। पुलिस का मानना है कि इस क्लू से परिचितों तक पहुंच बनाई जा सकती है।
पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए घोषणा की है कि यदि कोई व्यक्ति महिला की पहचान कराता है या कोई ठोस जानकारी प्रदान करता है, तो उसे 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। जांच अधिकारी ने कहा कि गोपनीयता बनाए रखते हुए सूचना दी जा सकती है, ताकि अपराधी तक पहुंचना आसान हो।
यह घटना मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर फिर से सवाल उठा रही है। पुलिस ने आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी है। AI तकनीक का उपयोग अपराध जांच में एक नया आयाम है, जो साबित कर रहा है कि आधुनिक उपकरण कैसे पुराने तरीकों की कमियों को दूर कर सकते हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही महिला की पहचान हो जाएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।
