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शोपियां/नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भयावह आतंकी हमले के संदिग्धों की तलाश तेज हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस हमले में कथित तौर पर शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों के पोस्टर जारी किए हैं। ये पोस्टर दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के कई इलाकों में लगाए गए हैं, जिन पर ‘आतंक मुक्त कश्मीर’ का संदेश भी लिखा है। पोस्टरों में इन आतंकियों के बारे में विश्वसनीय जानकारी देने वाले व्यक्ति को 20 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की गई है। एजेंसियों ने सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखने का आश्वासन भी दिया है।

पहलगाम हमला: 26 पर्यटकों की मौत:
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए इस बर्बर आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। यह हमला 2019 के पुलवामा आत्मघाती बम धमाके के बाद कश्मीर घाटी में हुआ सबसे घातक आतंकवादी हमला था, जिसने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था।

ऑपरेशन सिंदूर: भारत का जवाबी कार्रवाई:
इस जघन्य हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया था। इस ऑपरेशन के तहत, भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया था। इस निर्णायक कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों का सफाया हो गया था। ऑपरेशन सिंदूर का मुख्य उद्देश्य सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों को पनाह देने और समर्थन करने वालों को एक कड़ा संदेश देना था।

सीमा पर तनाव और संघर्ष विराम:
ऑपरेशन सिंदूर के बाद, पाकिस्तान ने भी अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास भारतीय सैन्य ठिकानों और नागरिक क्षेत्रों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए थे। भारत ने इसका तेजी से और प्रभावी ढंग से जवाब देते हुए पाकिस्तान के 11 महत्वपूर्ण एयरबेसों को निशाना बनाया था। नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर कई दिनों तक चले इस तनाव के बाद, दोनों देश 10 मई को संघर्ष विराम पर सहमत हुए थे। हालांकि, उसी रात पाकिस्तान की ओर से फिर से संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया था।

डीजीएमओ स्तर की वार्ता:
तनाव कम करने के प्रयासों के तहत, बीते दिन भारत और पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल्स ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) के बीच फिर से हॉटलाइन पर बातचीत हुई। भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और पाकिस्तान के डीजीएमओ मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला के बीच शाम 5 बजे हुई इस वार्ता में दोनों पक्ष सीमा और अग्रिम क्षेत्रों पर तैनात सैनिकों की संख्या को कम करने पर विचार करने और किसी भी प्रकार का हमला न करने पर सहमत हुए।

आतंकियों की पहचान और इनाम:
अब, पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों को पकड़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी तस्वीरें सार्वजनिक की हैं और उनकी सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये का बड़ा इनाम घोषित किया है। यह कदम आतंकवादियों की पहचान करने और उन्हें न्याय के कटघरे में लाने के प्रयासों का हिस्सा है। एजेंसियों ने जनता से अपील की है कि वे ‘आतंक मुक्त कश्मीर’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या इन आतंकवादियों के बारे में जानकारी होने पर तुरंत सुरक्षा बलों को सूचित करें। सूचना देने वालों की गोपनीयता बनाए रखने का पूर्ण आश्वासन दिया गया है।

सुरक्षा एजेंसियों का यह कदम पहलगाम हमले के दोषियों को पकड़ने और क्षेत्र में आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।