Padma Shri Awards 2026: भारत सरकार ने 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर 131 नागरिकों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों के लिए चुना है, जिनमें से 45 लोग ‘अनसुने नायकों’ की श्रेणी में पद्म श्री से सम्मानित किए गए हैं। यह सूची उन साधारण नागरिकों को समर्पित है जिन्होंने अपनी जीवनभर की सेवा से समाज में गहरा बदलाव लाया, लेकिन अक्सर उनकी कहानियाँ हमारे सामने नहीं आईं।
Padma Shri Awards 2026: गुमनाम से महान तक: समाज के असाधारण सेवक
इस वर्ष के ‘अनसुने नायकों’ में देशभर से ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में बिना किसी भेदभाव या सार्वजनिक पहचान के व्यापक योगदान दिया है। इनमें ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक संरक्षण, पर्यावरण, सामाजिक सेवा और स्थानीय कलाओं को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उदाहरण के लिए, कर्नाटक के Anke Gowda ने एक समय बस कंडक्टर के रूप में काम किया, लेकिन बाद में उन्होंने विश्व की सबसे बड़ी मुफ्त-पुस्तकालय ‘Pustak Mane’ स्थापित की, जिसमें 20 भाषाओं में 20 लाख से अधिक पुस्तकें और दुर्लभ पांडुलिपियाँ उपलब्ध हैं।
मुंबई की Armida Fernandes ने एशिया का पहला मानव दूध बैंक स्थापित किया, जिससे नवजात शिशुओं के जीवन को बचाने में मदद मिली।
90 वर्ष के Bhiklya Ladakya Dhinda जैसे कलाकारों को भी उनके पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
Padma Shri Awards 2026: 45 अनसुने नायकों की पूरी सूची
- Anke Gowda
- Armida Fernandez
- Bhagwandas Raikwar
- Bhiklya Ladakya Dhinda
- Brij Lal Bhat
- Budhri Tati
- Charan Hembram
- Chiranji Lal Yadav
- Dharmiklal Chunilal Pandya
- Gafruddin Mewati Jogi
- Hally War
- Inderjit Singh Sidhu
- K Pajanivel
- Kailash Chandra Pant
- Khem Raj Sundriyal
- Kollakkayil Devaki Amma G
- Kumarasamy Thangaraj
- Mahendra Kumar Mishra
- Mir Hajibhai Kasambhai
- Mohan Nagar
- Naresh Chandra Dev Varma
- Nilesh Vinodchandra Mandlewala
- Nuruddin Ahmed
- Othuvar Thiruthani Swaminathan
- Padma Gurmet
- Pokhila Lekthepi
- Punniamurthy Natesan
- R Krishnan
- Raghupat Singh
- Raghuveer Tukaram Khedkar
- Rajastapathi Kaliappa Goundar
- Rama Reddy Mamidi
- Ramchandra Godbole & Sunita Godbole
- S G Susheelamma
- Sangyusang S Pongener
- Shafi Shauq
- Shrirang Devaba Lad
- Shyam Sundar
- Simanchal Patro
- Suresh Hanagavadi
- Taga Ram Bheel
- Techi Gubin
- Thiruvaarur Bakthavathsalam
- Vishwa Bandhu
- Yumnam Jatra Singh
Padma Shri Awards 2026: अनसुने नायक, अनकही कहानियाँ: पद्म श्री 2026
अंके गौड़ा: किताबों से बदली किस्मत

कर्नाटक के अंके गौड़ा कभी बस कंडक्टर थे, लेकिन उनके सपनों की मंज़िल शिक्षा थी। उन्होंने ‘पुस्तक माने’ नाम से एक ऐसा सार्वजनिक पुस्तकालय खड़ा किया, जहाँ किसी से फीस नहीं ली जाती। आज यह संग्रह लाखों पुस्तकों और दुर्लभ पांडुलिपियों का घर है। गाँव-कस्बों के बच्चे, शोधकर्ता और आम पाठक—सभी के लिए यह ज्ञान का खजाना बन चुका है। उनका विश्वास था कि ज्ञान पर किसी एक वर्ग का अधिकार नहीं होना चाहिए—और इसी सोच ने उन्हें पद्म श्री तक पहुँचाया।
डॉ. आर्मिडा फर्नांडीस: नवजातों के लिए जीवनदान

मुंबई की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आर्मिडा फर्नांडीस ने एशिया का पहला ह्यूमन मिल्क बैंक स्थापित किया। समय से पहले जन्मे और कुपोषित शिशुओं के लिए यह पहल जीवन रक्षक साबित हुई। उनके प्रयासों से हजारों नवजातों को नई ज़िंदगी मिली। उन्होंने चिकित्सा को केवल पेशा नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम बनाया—और इसी निस्वार्थ समर्पण के लिए उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
भिकल्या लाडक्या धिंडा: परंपरा के संरक्षक

महाराष्ट्र के 90 वर्षीय भिकल्या लाडक्या धिंडा जनजातीय तारपा संगीत के जीवित प्रतीक हैं। दशकों से वे लोकधुनों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के जरिए अपनी संस्कृति को जीवित रखे हुए हैं। आधुनिकता के दौर में जब लोककलाएँ विलुप्त हो रही हैं, तब धिंडा जैसे कलाकार संस्कृति की जड़ों को थामे रखने वाले स्तंभ हैं।
देवकी अम्मा: सूखी ज़मीन से हरियाली तक

केरल की कोल्लक्कयिल देवकी अम्मा ने 90 से अधिक वर्षों की उम्र में भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने बंजर ज़मीन को घने जंगल में बदलने का संकल्प लिया और वर्षों की मेहनत से उसे साकार किया। उनका जीवन बताता है कि प्रकृति की सेवा के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती।
युमनाम जत्रा सिंह: लोककला की जीवंत आत्मा

मणिपुर के युमनाम जत्रा सिंह ने पारंपरिक नाट्य और लोककला को नई पहचान दिलाई। उन्होंने पीढ़ियों तक लोकनाट्य को सिखाया और मंच दिया, ताकि स्थानीय कला वैश्विक मंच तक पहुँच सके। उनका योगदान यह साबित करता है कि लोकसंस्कृति भी राष्ट्रीय धरोहर है।
सम्मान साधारण जीवन, असाधारण योगदान
पद्म श्री 2026 के ये ‘अनसुने नायक’ हमें याद दिलाते हैं कि सच्चा बदलाव शोर से नहीं, सेवा से आता है। शिक्षक, डॉक्टर, कलाकार, पर्यावरण रक्षक—इन सभी ने बिना प्रसिद्धि की चाह के समाज को बेहतर बनाया।
समाज को दी आवाज़
ये वे नागरिक हैं जिन्होंने अपनी-अपनी कला, सेवा और समर्पण से हजारों लोगों के जीवन को बेहतर बनाया है। उनकी उपलब्धियाँ न केवल समाज को प्रेरित करती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि असली वीरता अक्सर नग्न आँखों से नहीं दिखती, बल्कि मानवता की सेवा में दिखती है।
इस साल के पद्म श्री ‘अनसुने नायकों’ की सूची देश के हर हिस्से से आई है — उनमें गाँव के शिक्षक, कलाकार, हेल्थवर्कर और समाजसेवी शामिल हैं, जिन्होंने अपने संघर्ष और समर्पण के माध्यम से भारत को एक बेहतर राष्ट्र बनाने में योगदान दिया है।
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