By: Ravindra Sikarwar
Oscar 2026: 98वीं अकादमी अवॉर्ड्स की तैयारी जोरों पर है और भारतीय सिनेमा ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। दो प्रमुख भारतीय फिल्में – ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा: ए लेजेंड – चैप्टर 1’ और अनुपम खेर की ‘तन्वी द ग्रेट’ – बेस्ट पिक्चर कैटेगरी के लिए योग्य फिल्मों की सूची में जगह बनाने में सफल रही हैं।
योग्यता सूची में भारतीय फिल्मों का प्रवेश
अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज ने हाल ही में 201 फीचर फिल्मों की सूची जारी की है, जो बेस्ट पिक्चर कैटेगरी में विचार के लिए योग्य हैं। इनमें ‘कांतारा: चैप्टर 1’ और ‘तन्वी द ग्रेट’ शामिल हैं। ये दोनों फिल्में आवश्यक थिएट्रिकल रिलीज और अन्य मानदंडों को पूरा करने के बाद इस प्रतिष्ठित सूची में पहुंची हैं। यह भारतीय सिनेमा के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि बेस्ट पिक्चर ऑस्कर की सबसे प्रतिस्पर्धी श्रेणी मानी जाती है।
‘कांतारा: चैप्टर 1′ की कहानी और सफलता
होम्बले फिल्म्स द्वारा निर्मित ‘कांतारा: ए लेजेंड – चैप्टर 1’ 2022 की सुपरहिट फिल्म ‘कांतारा’ का प्रीक्वल है। यह फिल्म तुलुनाडु क्षेत्र में दैवा पूजा की उत्पत्ति को दर्शाती है, जो चौथी शताब्दी के कदंब वंश से जुड़ी हुई है। ऋषभ शेट्टी ने न केवल निर्देशन किया बल्कि बर्मे का किरदार भी निभाया, जो कांतारा जंगल और आदिवासी समुदायों का रक्षक है। 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक यह फिल्म अपनी सांस्कृतिक गहराई और दृश्य प्रभाव के लिए सराही गई है।
‘तन्वी द ग्रेट’ की प्रेरणादायक कहानी
अनुपम खेर के निर्देशन में बनी ‘तन्वी द ग्रेट’ एक भावुक और प्रेरणादायक कहानी प्रस्तुत करती है। फिल्म में शुभांगी दत्त मुख्य भूमिका में हैं, जो तन्वी रैना का किरदार निभाती हैं – एक ऑटिज्म से पीड़ित युवती, जो अपने दिवंगत पिता की भारतीय सेना में सेवा से प्रेरित होकर खुद आर्मी जॉइन करने का सपना देखती है। फिल्म में अनुपम खेर, जैकी श्रॉफ, बोमन ईरानी और करण टैकर जैसे दिग्गज कलाकार भी हैं। यह फिल्म ऑटिज्म, सेना और पारिवारिक विरासत जैसे संवेदनशील विषयों को छूती है।
आगे की राह और उम्मीदें
हालांकि योग्यता सूची में शामिल होना एक बड़ा कदम है, लेकिन अंतिम नामांकन की घोषणा 22 जनवरी 2026 को होगी। इन फिल्मों को अन्य श्रेणियों जैसे बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट एक्टर या बेस्ट स्क्रीनप्ले में भी विचार किया जा सकता है। भारत की आधिकारिक एंट्री ‘होमबाउंड’ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म कैटेगरी में पहले ही शॉर्टलिस्ट हो चुकी है, जिससे भारतीय सिनेमा की वैश्विक उम्मीदें और बढ़ गई हैं।
यह विकास भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इन फिल्मों की यात्रा पर नजरें टिकी रहेंगी।
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