ONGC Ladakh Geothermal Project : सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज तेल कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) ने लद्दाख में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने पूर्वी लद्दाख की पुगा घाटी में अपने दूसरे भू-तापीय (Geothermal) कुएं की खुदाई का काम सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। इस सफलता के साथ ही भारत अपने पहले प्रायोगिक जियोथर्मल पावर प्लांट को शुरू करने के बेहद करीब पहुंच गया है।
ONGC Ladakh Geothermal Project पुगा घाटी में रिकॉर्ड समय में खुदाई पूरी
ओएनजीसी की रिसर्च और डेवलपमेंट शाखा, ‘ओएनजीसी एनर्जी सेंटर’ ने इस चुनौतीपूर्ण अभियान को अंजाम दिया है। समुद्र तल से 14,000 फीट से भी अधिक की ऊंचाई पर स्थित इस कुएं की गहराई लगभग 1,000 मीटर है, जिसे महज एक महीने के भीतर खोद लिया गया।
खास बात यह है कि इस दूसरे कुएं की खुदाई में पहले अभियान के मुकाबले काफी कम समय और लागत लगी है। इससे पहले हुए शुरुआती ड्रिलिंग टेस्ट में कुएं से अत्यधिक गर्म भाप निकली थी, जिसने इस क्षेत्र में भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy) की अपार संभावनाओं पर मुहर लगा दी थी।
ONGC Ladakh Geothermal Project मौसम की बंदिशों से मुक्त है यह अनोखी ऊर्जा
जियोथर्मल तकनीक में पृथ्वी के भीतर छिपी प्राकृतिक गर्मी (ऊष्मा) का उपयोग करके बिजली और थर्मल एनर्जी बनाई जाती है। सौर ऊर्जा (Solar) और पवन ऊर्जा (Wind) की अपनी सीमाएं होती हैं क्योंकि वे मौसम पर निर्भर करती हैं, लेकिन जियोथर्मल एनर्जी के साथ ऐसा नहीं है। यह बिना रुके चौबीसों घंटे (24×7) बिजली की निरंतर आपूर्ति करने में सक्षम है।
नोट: हाल ही में ऊर्जा क्षेत्र में एक और अच्छी खबर आई थी, जब ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने अंडमान के अपतटीय (Offshore) इलाके में प्राकृतिक गैस के एक नए भंडार की खोज की थी।
ONGC Ladakh Geothermal Project 1 मेगावाट का पायलट प्लांट और भविष्य का रोडमैप
प्रोजेक्ट के अगले चरण में पुगा घाटी में 1 मेगावाट (MW) क्षमता का एक प्रायोगिक (Pilot) जियोथर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस प्लांट की सफलता देश में भू-तापीय ऊर्जा के कमर्शियल इस्तेमाल का रास्ता साफ करेगी।
- लद्दाख को फायदा: इस प्रोजेक्ट का दीर्घकालिक लक्ष्य लद्दाख के दुर्गम इलाकों को एक भरोसेमंद और चौबीसों घंटे मिलने वाली स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराना है।
- राष्ट्रीय लक्ष्य: भारत ने साल 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन (Non-fossil fuel) से 500 गीगावाट बिजली उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। सरकार सौर और पवन ऊर्जा के साथ-साथ जियोथर्मल जैसे स्वच्छ विकल्पों को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
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