By: Ravindra Sikarwar
नवा रायपुर में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने वाली है। देश की प्रतिष्ठित संस्था नारसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (एनएमआईएमएस) अब छत्तीसगढ़ की राजधानी के निकट नवा रायपुर में अपना ऑफ-कैंपस स्थापित करने जा रही है। इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को लेकर संस्थान के वरिष्ठ प्रतिनिधि जगदीश वी. पारिख ने बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मंत्रालय (महानदी भवन) में सौजन्य मुलाकात की और पूरे प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी साझा की।
मुलाकात के दौरान जगदीश पारिख ने मुख्यमंत्री को बताया कि एनएमआईएमएस नवा रायपुर के तेजी से विकसित हो रहे एजुकेशन सिटी (एडुसिटी) में अपना आधुनिक कैंपस खोलना चाहता है। उन्होंने संस्थान के मौजूदा कोर्सेज, रिसर्च वर्क, इंडस्ट्री कनेक्शन और प्लेसमेंट रिकॉर्ड की भी विस्तार से चर्चा की। एनएमआईएमएस देश के टॉप प्राइवेट बिजनेस स्कूलों में शुमार है और इसके मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, इंदौर, नवी मुंबई तथा शिरपुर कैंपस पहले से ही सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ में इसका आगमन राज्य के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस प्रस्ताव का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के युवाओं को घर के पास ही विश्वस्तरीय शिक्षा मिले, ताकि उन्हें मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु या पुणे जैसे महानगरों की ओर पलायन न करना पड़े। उन्होंने जोर देकर कहा कि एनएमआईएमएस जैसे राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान के आने से मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी, लॉ और अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज में उच्च स्तरीय ट्रेनिंग मिलेगी। इससे न केवल छात्रों का भविष्य संवरेगा बल्कि प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि नवा रायपुर को जानबूझकर एक मजबूत एजुकेशन हब के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। इसके लिए बड़े पैमाने पर एडुसिटी विकसित की जा रही है, जिसमें मल्टी-डिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी, हाई-एंड रिसर्च सेंटर, इनोवेशन और इन्क्यूबेशन हब, डिजिटल लाइब्रेरी, साइंस एंड इनोवेशन सेंटर तथा अत्याधुनिक लैबोरेट्रीज शामिल होंगी। इन सबके बनने से नवा रायपुर शिक्षा, रिसर्च और स्टार्टअप का एक जीवंत इकोसिस्टम बन जाएगा।
वर्तमान में नवा रायपुर में पहले से ही कई प्रतिष्ठित संस्थान काम कर रहे हैं। इनमें इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM रायपुर), हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU), कवि कालीदास संस्कृत यूनिवर्सिटी समेत कई अन्य संस्थान शामिल हैं। एनएमआईएमएस के जुड़ने से यह सूची और मजबूत होगी तथा छात्रों को एक ही परिसर में अलग-अलग डिसिप्लिन की बेहतरीन सुविधाएं मिल सकेंगी।
राज्य सरकार का मानना है कि जब राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के संस्थान एक ही जगह मौजूद होंगे तो छात्रों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, नेटवर्किंग के अवसर मिलेंगे और फैकल्टी एक्सचेंज जैसे कार्यक्रम भी आसानी से हो सकेंगे। इससे प्रदेश के युवाओं का कॉन्फिडेंस बढ़ेगा और वे ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार होंगे।
मुलाकात के समय मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार त्रिपाठी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने इस प्रस्ताव को तेजी से अमलीजामा पहनाने का आश्वासन दिया।
कुल मिलाकर, एनएमआईएमएस का नवा रायपुर में कैंपस खुलना छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू करने जैसा है। आने वाले कुछ वर्षों में नवा रायपुर मध्य भारत का सबसे बड़ा और आधुनिक एजुकेशन हब बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
