by-Ravindra Sikarwar
तमिलनाडु के चेन्नई के पास एननोर स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) में चल रहे थर्मल पावर प्रोजेक्ट के निर्माण स्थल पर मंगलवार को एक भयावकर हादसा हुआ, जिसमें नौ असम मूल के प्रवासी मजदूरों की जान चली गई। यह दुर्घटना एक ऊंचाई पर बने लोहे के स्कैफोल्डिंग ढांचे के अचानक ढहने से हुई, जब मजदूर कंक्रीट की मेहराबनुमा संरचना तैयार कर रहे थे। एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल है, जबकि कुल 10 से अधिक लोगों को चोटें आईं। यह घटना निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल खड़ी कर रही है, और प्रशासन ने ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं।
हादसे का समय मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे का था, जब 1,320 मेगावाट क्षमता वाले एननोर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के विस्तार कार्य के दौरान कोयला हैंडलिंग शेड के छत के लिए स्पेस फ्रेम संरचना तैयार की जा रही थी। यह साइट उत्तरी चेन्नई थर्मल पावर स्टेशन के विस्तार परियोजना का हिस्सा है, जो तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन (टेंजेडको) द्वारा संचालित है। स्थान विशेष रूप से तिरुवल्लुर जिले के मिंजूर क्षेत्र के पास पोननेरी के निकट है। मजदूर लगभग 20 से 30 फीट ऊंचाई पर काम कर रहे थे, जब स्कैफोल्डिंग का आधार अचानक खिसक गया, जिससे वे 45 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धातु का यह ढांचा बिना किसी पूर्व चेतावनी के भरभराकर गिर गया, और चीख-पुकार मच गई।
मृतकों में सभी असम के निवासी थे, जिनमें से चार करबी आंगलॉन्ग जिले के और पांच होजाओ जिले के थे। उनकी पहचान मुन्ना केम्प्राई, सोरबोजित थॉसेन, फीबिट फंगलू, बिदायुम पोरबोसा, पाबन सोरोंग, प्रयांतो सोरोंग, सुमन खारिकाप, डिमराज थॉसेन और दीपक राइजुंग के रूप में हुई है। ये मजदूर निर्माण कार्य के लिए चेन्नई आए थे और स्थानीय ठेकेदार के अधीन काम कर रहे थे। घायलों को तुरंत सहकर्मियों और बचाव टीमों ने स्टैनली सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां नौ मजदूरों ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। एक घायल की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्यों का इलाज चल रहा है।
इस हृदयविदारक घटना पर तत्काल प्रतिक्रियाएं आईं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शोक व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की। उन्होंने बिजली मंत्री एस.एस. शिवशंकर और टेंजेडको चेयरमैन जे. राधाकृष्णन को राहत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता का ऐलान किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने तमिलनाडु अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर शवों को जल्द असम लाने की व्यवस्था की। टेंजेडको चेयरमैन ने अस्पताल जाकर स्थिति का जायजा लिया। विपक्षी नेता एडाप्पाडी के. पलानीस्वामी और तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख के. सेल्वापेरुन्थागई ने भी शोक संदेश जारी किए।
प्रशासन ने हादसे के तुरंत बाद बचाव अभियान चलााया, जिसमें स्थानीय पुलिस, फायर सर्विस और मेडिकल टीमों ने भाग लिया। कट्टूर पुलिस स्टेशन ने ठेकेदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें लापरवाही और सुरक्षा उल्लंघन के आरोप लगाए गए। साइट को सील कर दिया गया है, और संरचनात्मक जांच के लिए विशेषज्ञ टीम भेजी गई है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में संरचना के आधार में खराबी का संदेह है, लेकिन पूर्ण जांच रिपोर्ट का इंतजार है। भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) इस प्रोजेक्ट का डिजाइन, निर्माण और संचालन कर रही है, और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करने के लिए गहन पूछताछ हो रही है।
यह घटना निर्माण उद्योग में सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करती है। सहकर्मियों ने मांग की है कि भविष्य के प्रोजेक्ट्स में बेहतर सुरक्षा उपकरण, नियमित निरीक्षण और प्रशिक्षण अनिवार्य हो। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई वाले कार्यों में हेलमेट, हार्नेस और मजबूत स्कैफोल्डिंग का उपयोग जीवन रक्षक साबित हो सकता है। असम से आए इन मजदूरों की मौत ने प्रवासी श्रमिकों की कठिनाइयों को फिर से सामने ला दिया, जो दूरदराज के राज्यों में जीविका के लिए जोखिम भरे काम करते हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी, ताकि ऐसी त्रासदी दोबारा न हो। पीड़ित परिवारों के लिए प्रार्थनाएं हैं कि वे इस दुख को सहन कर सकें।
