by-Ravindra Sikarwar
सोमवार को कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक ली और SIR की प्रगति देखते ही भड़क गए। बैठक में सामने आया कि कुछ सुपरवाइजर और बीएलओ अभी तक एक भी फॉर्म डिजिटाइज नहीं कर पाए हैं।
नतीजा? रविवार देर रात कलेक्टर ने तुरंत एक्शन लिया —
- सुपरवाइजर अनंतलाल मिश्रा
- बीएलओ शुभम प्रताप सिंह
दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
कलेक्टर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी:
“लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। SIR का काम 10 दिन में पूरा करना है, इसके लिए अब कोई बहाना नहीं चलेगा।”
सभी ईआरओ और अधिकारियों को नए सख्त निर्देश :
- हर ईआरओ को रोजाना अपने क्षेत्र में भ्रमण करना होगा।
- हर बीएलओ-सुपरवाइजर को प्रतिदिन कम-से-कम 10% टारगेट (फॉर्म कलेक्शन + डिजिटाइजेशन) पूरा करना अनिवार्य।
- हर दो घंटे में सुपरवाइजर को निर्धारित फॉर्मेट में रिपोर्ट भेजनी होगी।
- विधानसभा-वार जिम्मेदारी पहले ही बाँट दी गई है — अब परफॉर्मेंस की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी।
सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग पर भी फटकार :
कलेक्टर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि जिले की सीएम हेल्पलाइन रैंकिंग सुधारनी है। हर शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण हो, वरना जवाबदेही तय होगी।
रविवार रात को भी कलेक्टर ने सभी एडीएम, नगर निगम अपर आयुक्त, ईआरओ, डिप्टी कलेक्टर और आईटी टीम के साथ बैठक ली थी। वहाँ भी यही चेतावनी दी गई थी कि अब ढील देने का कोई स्पेस नहीं है।
कलेक्टर का साफ संदेश है —
“मतदाता सूची का काम देश का काम है। इसमें लापरवाही मतलब जनता के अधिकार से खिलवाड़। जो पीछे रहेगा, वो लाइन से बाहर होगा।”
अब पूरे जिले में SIR का काम युद्धस्तर पर चल रहा है — कलेक्टर की नजर हर बूथ, हर बीएलओ और हर फॉर्म पर है।
