by-Ravindra Sikarwar
टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए, अपने आखिरी और छठे प्रयास में 85.10 मीटर का थ्रो फेंककर प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया। हालाँकि, उन्हें जर्मनी के जूलियन वेबर से कड़ी चुनौती मिली, जिन्होंने प्रतियोगिता में अपनी पकड़ बनाए रखी।
प्रतियोगिता का विवरण:
यह एक बेहद रोमांचक मुकाबला था, जिसमें हर खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए छह मौके मिलते हैं। जूलियन वेबर ने अपने दूसरे ही प्रयास में 91.51 मीटर का थ्रो फेंककर सबको चौंका दिया, जो उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और उस समय का विश्व का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी था। वेबर के इस शानदार प्रदर्शन ने उन्हें शुरुआती दौर में ही स्वर्ण पदक का दावेदार बना दिया।
दूसरी तरफ, नीरज चोपड़ा के लिए यह प्रतियोगिता थोड़ी संघर्षपूर्ण रही, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपने शुरुआती प्रयासों में वे अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से थोड़ा दूर रहे, जिससे उन पर दबाव बढ़ता गया। लेकिन नीरज ने अपनी एकाग्रता बनाए रखी और निर्णायक आखिरी प्रयास में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया।
चोपड़ा का शानदार प्रदर्शन:
नीरज चोपड़ा ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 85.10 मीटर का थ्रो फेंककर रजत पदक पक्का किया। यह दर्शाता है कि वे दबाव में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। हालाँकि, वे वेबर के 91.51 मीटर के थ्रो को पार नहीं कर पाए, फिर भी उनका यह प्रदर्शन उनकी निरंतरता और विश्वस्तरीय एथलीट होने की पहचान है।
यह प्रतियोगिता एक बार फिर साबित करती है कि भाला फेंक में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा कितनी कड़ी है और नीरज चोपड़ा जैसे एथलीट लगातार शीर्ष पर बने रहने के लिए कितनी मेहनत करते हैं।
