by-Ravindra Sikarwar
NDA की महिला शाखा ने एक रैली के दौरान प्रधानमंत्री की माँ के खिलाफ कथित तौर पर की गई अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में आज “बिहार बंद” का आह्वान किया है। इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य इस तरह की भाषा की कड़ी निंदा करना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करना है।
विरोध का कारण:
यह बंद बिहार में एक राजनीतिक रैली के दौरान एक नेता द्वारा प्रधानमंत्री की दिवंगत माँ के बारे में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद बुलाया गया है। NDA महिला मोर्चा का आरोप है कि इस टिप्पणी ने न केवल प्रधानमंत्री का, बल्कि देश की सभी माताओं का अपमान किया है। उनका मानना है कि राजनीति में व्यक्तिगत हमलों और परिवार के सदस्यों को घसीटना अस्वीकार्य है।
बंद का प्रभाव:
“बिहार बंद” के आह्वान के तहत, राज्य के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की जा रही हैं। प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर नारेबाजी कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस बंद का असर आम जनजीवन पर भी पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि कई स्थानों पर दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और यातायात प्रभावित हो सकते हैं। पुलिस और प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
इस मामले पर बिहार की राजनीति में गरमा-गरमी बढ़ गई है। NDA नेताओं ने इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की है और इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि यह राजनीति के गिरते स्तर को दर्शाता है। वहीं, विपक्षी दल ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि यह NDA का एक राजनीतिक स्टंट है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी व्यक्ति किसी की भी गरिमा को ठेस पहुंचाए।
यह घटना दर्शाती है कि भारतीय राजनीति में किस तरह से व्यक्तिगत हमले और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जो सार्वजनिक discourse के लिए एक गंभीर चुनौती है।
