रिपोर्टर:- ऋषभ कुमार
Nawada : बिहार के नवादा जिले में एक आईआईटी (IIT) छात्र की संदिग्ध मौत के बाद भारी बवाल खड़ा हो गया है। ककोलत पहाड़ी के ऊपर स्थित अमझौर कुंड में डूबने से हुई छात्र की मौत को परिजनों ने सोची-समझी हत्या करार दिया है। इस घटना से आक्रोशित पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने गुरुवार को नवादा समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) और प्रजातंत्र चौक पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय पुलिस पर मामले को दबाने और आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
Nawada सीआरपीएफ जवान पिता का आरोप: “डूबने से मौत होती तो पेट में पानी होता”
मृतक छात्र धनराज के पिता हेमंत राज, जो केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में जवान हैं और असम में तैनात हैं, ने बताया कि बेटे के साथ अनहोनी की खबर मिलते ही वे तुरंत नवादा पहुंचे। करीब 36 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ककोलत जलप्रपात पहाड़ी से 4 किलोमीटर दूर कुंड से उनके बेटे का शव बरामद हुआ।
पिता का आरोप है कि शव की स्थिति देखने से साफ पता चलता है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि उनका बेटा पानी में डूबता, तो पोस्टमार्टम के दौरान उसके पेट से पानी जरूर निकलता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलवार को रजौली थाने के अंधरबारी निवासी अमित कुमार और अकबरपुर के महानंदपुर निवासी आनंद कुमार उसे अपने साथ पहाड़ी पर ले गए थे और वारदात को अंजाम देने के बाद इसे डूबने का रूप दे दिया।
Nawada थाना प्रभारी पर प्रताड़ना का आरोप, थाने में बिठाए गए संदिग्ध
मृतक के पिता ने स्थानीय थाली थाना प्रभारी पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के बजाय उन्हें थाने में वीआईपी ट्रीटमेंट दे रही है और खाना खिला रही है। इसके विपरीत, जब पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंचा, तो उन्हें कथित तौर पर गालियां देकर वहां से भगा दिया गया। इस दुर्व्यवहार से नाराज होकर परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव के साथ सड़क पर उतरने का फैसला किया।
Nawada चक्का जाम से शहर में हाहाकार, उग्र आंदोलन की चेतावनी
गुरुवार को हुए इस प्रदर्शन और सड़क जाम के कारण नवादा शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। घंटों तक लगे इस लंबे जाम में सैकड़ों गाड़ियां और एम्बुलेंस फंसी रहीं, जिससे मरीजों और आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच स्कूल से लौट रहे मासूम बच्चे भी जाम में बेहाल नजर आए।
परिजनों के करीबी अभय कुमार ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा, तो आने वाले दिनों में और भी उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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