By: Yogendra Singh
Nawada : बिहार के नवादा जिला के मेसकौर प्रखंड के बड़ोसर पंचायत अंतर्गत बांधी गांव में सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि वह पानी से तालाब में बदल गई है। सड़क पर जमा जल के कारण राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाली का पानी पहले सही मार्ग से बहता था, लेकिन अब इसका बहाव सड़क पर आ गया है।
नाली का पानी अब सड़क पर फैल रहा
Nawada ग्रामीणों ने बताया कि पहले नाली का पानी सुरक्षित रूप से बहकर खेतों और जमीन की सिंचाई करता था। लेकिन कुछ लोगों द्वारा पानी के मार्ग में अवरोध डालने के कारण यह अब सीधे सड़क पर फैल रहा है। इसके चलते सड़क की सतह कीचड़ और जलजमाव से भरी हुई है। बारिश के दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है और दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बढ़ जाता है।
मुनी देवी, जो सड़क के किनारे रहने वाली हैं, ने बताया कि पहले नाली का पानी निर्धारित रास्ते से बहता था। लेकिन किसी ने उसकी दिशा बदल दी, जिससे सड़क पर जलभराव होने लगा। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पानी का मार्ग किसने रोक दिया, लेकिन ग्रामीणों का मानना है कि पानी को खेतों में जाने से रोकने के लिए ऐसा किया गया।
ग्रामीणों का आरोप और समस्या का कारण
Nawada ग्रामीणों का कहना है कि पानी का सही ढंग से बहाव न होने के कारण सड़क पर कीचड़ जमा हो गया है। इससे न केवल आवागमन प्रभावित हुआ है, बल्कि सड़क की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए सड़क पार करना मुश्किल हो गया है। साथ ही, सड़क किनारे खड़े वाहन भी जलभराव में फंस जाते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि इस समस्या को जल्द नहीं सुधारा गया, तो हादसों की संभावना बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि जलजमाव के कारण कृषि क्षेत्र भी प्रभावित हो रहा है, क्योंकि पानी का बहाव खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
प्रशासन से समाधान की मांग
Nawada ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क पर हो रहे जलजमाव को जल्द हटाया जाए और नाली का मार्ग सही ढंग से बहाया जाए। इसके अलावा, उन्होंने सुझाव दिया कि सड़क और नाली की नियमित सफाई और रखरखाव किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या न उत्पन्न हो।
अगर प्रशासन समय पर कार्रवाई नहीं करता है, तो आवागमन बाधित रहेगा और राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी और बढ़ जाएगी। ग्रामीण आशा कर रहे हैं कि अधिकारियों द्वारा जल्द ही राहत और स्थायी समाधान उपलब्ध कराया जाएगा।
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