Report by: Rishabh Kumar
Nawada : बिहार के नवादा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। शुक्रवार की देर रात नवादा सदर अस्पताल परिसर स्थित दवा भंडार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि स्टोर रूम में रखी गईं महत्वपूर्ण जीवन रक्षक दवाएं, सलाइन की बोतलें और अन्य सर्जिकल सामान जलकर पूरी तरह बर्बाद हो गए।

आधी रात को मची अफरा-तफरी: मरीजों के परिजनों ने दी सूचना
Nawada यह घटना सिविल सर्जन कार्यालय के ठीक पीछे स्थित स्टोर रूम में घटित हुई। शुक्रवार की रात जब अस्पताल के अधिकांश कर्मचारी और मरीज सो रहे थे, तभी स्टोर रूम की खिड़कियों से आग की लपटें और काला धुआं बाहर निकलने लगा।
स्टोर रूम के बिल्कुल बगल में स्थित सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों ने सबसे पहले इन लपटों को देखा। आग की भयावहता को देखते हुए अस्पताल परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने तुरंत शोर मचाकर अस्पताल कर्मियों और सुरक्षा गार्डों को सचेत किया, जिससे समय रहते बचाव कार्य शुरू किया जा सका।

अग्निशमन विभाग की कार्रवाई: घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
Nawada आग लगने की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग (Fire Department) को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुँचीं। फायर ब्रिगेड के कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, तब तक स्टोर रूम के अंदर रखी अधिकांश दवाइयां और सलाइन की बोतलें नष्ट हो चुकी थीं।
अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, इस भंडार गृह में जिले भर के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भेजी जाने वाली दवाओं का स्टॉक रखा गया था। आग की वजह से दवाओं की भारी किल्लत होने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे का कारण: शॉर्ट सर्किट की आशंका और जांच के आदेश
Nawada सदर अस्पताल के प्रबंधक कुमार आदित्य ने प्रारंभिक जानकारी देते हुए बताया कि आग लगने का प्राथमिक कारण बिजली का ‘शॉर्ट सर्किट’ प्रतीत हो रहा है। गर्मी और तारों के आपस में टकराने की वजह से उठी चिंगारी ने स्टोर में रखी ज्वलनशील दवाओं और प्लास्टिक की बोतलों को तुरंत अपनी चपेट में ले लिया।
सिविल सर्जन ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके और यह पता लगाया जा सके कि अस्पताल के फायर सेफ्टी मानकों में कोई कमी तो नहीं थी। फिलहाल, अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और वैकल्पिक दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
Also Read This: Aurangabad: मेधा की प्रतिमूर्ति-स्कूल से लेकर IIT तक का शानदार सफर

