By: Yogendra Singh
Nawada : जिले के सिरदला प्रखंड स्थित लौंद चमोथा हाट गांव निवासी भारतीय वायु सेना के जवान संजय कुमार का इलाज के दौरान निधन हो गया। वे 18 फरवरी को छुट्टी पर अपने पैतृक गांव आए थे। 28 फरवरी को पटना के एक निजी अस्पताल में उपचार के क्रम में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके असामयिक निधन से परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

अचानक बिगड़ी तबीयत, पटना में उपचार के दौरान मौत
Nawada परिजनों के अनुसार, 25 फरवरी को संजय कुमार की अचानक तबीयत खराब हो गई। प्रारंभ में उन्हें गया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया। वहां बेहतर इलाज की कोशिश की गई, परंतु उन्हें बचाया नहीं जा सका।
संजय कुमार वर्ष 2004 में भारतीय वायु सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में बेंगलुरु में पदस्थापित थे। वे अपने कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव और मिलनसार व्यवहार के लिए जाने जाते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल छा गया।
तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी
Nawada उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लपेटकर गांव लाया गया। बिहटा एयर पोस्ट से वायु सेना के अधिकारी तीन गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे। सैन्य परंपराओं के अनुरूप जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया और बिगुल की धुन के बीच अंतिम सलामी अर्पित की।
बड़गांव धनारजय नदी तट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और परिजन मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश के प्रति उनके समर्पण को याद किया।

परिवार को आर्थिक सहायता और सहयोग का आश्वासन
Nawada वायु सेना की दो टीमों ने उनकी पत्नी सिंपी कुमारी को 25 हजार रुपये की नगद सहायता राशि प्रदान की और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। संजय कुमार अपने पीछे पत्नी, 13 वर्षीय पुत्र और 8 वर्षीय पुत्री को छोड़ गए हैं।

गांव के लोगों ने उन्हें एक जिम्मेदार और कर्तव्यपरायण सैनिक बताया। उनका जाना न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके बलिदान और सेवा भावना को हमेशा याद किया जाएगा।
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