Nationwide Shutdown of Drug Dealers : ऑनलाइन दवा कंपनियों (E-Pharmacies) की बढ़ती मनमानी और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ देशभर के दवा व्यापारियों ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। अखिल भारतीय केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट संगठन (AIOCD) के नेतृत्व में आगामी 20 मई 2026 को 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल बुलाई गई है। इस महा-आंदोलन के तहत देश के कोने-कोने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के भी सभी दवा केंद्र पूरी तरह बंद रहेंगे।
Nationwide Shutdown of Drug Dealers बिना पर्ची के बिक रही हैं नशीली दवाइयां, युवाओं के भविष्य पर संकट
दवा व्यापारियों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि कई ऑनलाइन फार्मा कंपनियां बिना डॉक्टर के किसी वैध पर्ची (Prescription) के धड़ल्ले से दवाइयां घर-घर पहुंचा रही हैं। इनमें ‘शेड्यूल-एच’ श्रेणी की अत्यंत संवेदनशील और नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां भी शामिल हैं। सरगुजा औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष अमित अग्रवाल के अनुसार, यह ढर्रा न सिर्फ पारंपरिक व्यापार को बर्बाद कर रहा है, बल्कि बिना जांच के दवाओं की यह आसान पहुंच युवाओं और समाज के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी है।
Nationwide Shutdown of Drug Dealers 1 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी दांव पर, तकनीक से नहीं नियमों की अनदेखी से आपत्ति
केमिस्ट एसोसिएशन ने साफ किया है कि वे आधुनिक तकनीक या ऑनलाइन सुविधा के विरोधी नहीं हैं, बल्कि उनका विरोध उन कंपनियों से है जो स्थापित नियमों को ताक पर रखकर काम कर रही हैं। वर्तमान में देश के लगभग 12.5 लाख केमिस्ट परिवारों और उनके कर्मचारियों को मिलाकर करीब 1 करोड़ लोगों की आजीविका इस पारंपरिक व्यवसाय पर टिकी है। कोरोना काल के दौरान सरकार द्वारा दी गई अस्थाई रियायतों का अनुचित लाभ उठाकर ये बड़ी कंपनियां छोटे दुकानदारों के अस्तित्व को संकट में डाल रही हैं।
Nationwide Shutdown of Drug Dealers करोड़ों के कारोबार पर ब्रेक, छत्तीसगढ़ में 15 हजार दुकानें रहेंगी बंद
इस ऐतिहासिक बंद का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़े स्तर पर देखने को मिल सकता है। अकेले छत्तीसगढ़ राज्य में करीब 15,000 और सरगुजा जिले के 600 से अधिक मेडिकल स्टोर्स इस हड़ताल का हिस्सा बनेंगे। अनुमान के मुताबिक, केवल सरगुजा जिले में ही एक दिन के भीतर 2 से 4 करोड़ रुपये का दवा कारोबार ठप हो जाएगा। व्यापारी संगठनों ने सरकार से मांग की है कि इस अवैध ऑनलाइन बिक्री पर तुरंत लगाम कसी जाए और कड़े तथा पारदर्शी नियम लागू किए जाएं।
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